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आनंद महिंद्रा की अनूठी पहल, फैक्ट्री के लोगों को प्लेट नहीं केले के पत्ते पर खिलाया खाना

फैक्ट्री में जितने भी कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन सभी को भोजन कराने का एक अलग तरीका उन्होंने ढूंढ निकाला है

दुनियाभर में एक कोरोना मरीजों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है। कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। दुनियाभर के अधिकतर देशों में इस वक्त इस गंभीर संकट का सामना करने के लिए लॉकडाउन लगा हुआ है। भारत में भी कोरोना के मामले बहुत ही तेजी से बढ़ रहे हैं। लगातार सामने आते नए मामलों को देख कर सरकार के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। यही वजह है कि युद्धस्तर पर अब कोरोना से लड़ने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। देश में इस वक्त कोरोना से मुकाबला करने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन लगा हुआ है, जिसकी मियाद आगामी 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है। हालांकि, जिस तरीके से कोरोना वायरस और गंभीर होता जा रहा है, उसे देखते हुए लॉकडाउन की अवधि को भी बढ़ाने की बातें अब चल रही है।

आनंद महिंद्रा ने किया ट्वीट


कोरोना वायरस से मुकाबला करने के लिए सरकार की ओर से तो प्रयास किए ही जा रहे हैं, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग भी अपनी तरह से कोरोना वायरस के खिलाफ इस जंग में अपना योगदान देने से पीछे नहीं हटे हैं। इसी क्रम में भारत के मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा की ओर से उनके द्वारा की गई एक पहल के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने एक ट्वीट करके यह बताया है कि उनकी फैक्ट्री में जितने भी कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन सभी को भोजन कराने का एक अलग तरीका उन्होंने ढूंढ निकाला है। वे अपने कर्मचारियों को प्लेट में भोजन न परोस कर केले के पत्ते पर उनके लिए भोजन परोस रहे हैं। ट्वीट करके उन्होंने बताया है कि अपने मजदूरों को कैंटीन में खाना खिलाने का उन्होंने यह अलग तरीका ढूंढ़ निकाला है।

इनसे मिला आइडिया

आनंद महिंद्रा ने अपनी इस ट्वीट में बताया है कि प्लेट को पूरी तरह से हटा दिया गया है। जिन भी मजदूरों को खाना परोसा जा रहा है, वहां प्लेट की जगह केवल केले के पत्तों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी बताया है कि आखिर यह आईडिया उनके पास आया कैसे। उन्होंने इस बारे में जानकारी देते हुए अपने इस पोस्ट में लिखा है कि सेवानिवृत्त पत्रकार पद्म रामनाथ की ओर से उन्हें एक ईमेल प्राप्त हुआ था। इस ईमेल में सेवानिवृत्त पत्रकार ने उनसे अनुरोध किया था कि प्लेट की जगह केले के पत्ते पर मजदूरों को खाना परोसना एक उत्तम कदम होगा। वह इसलिए कि इस वक्त कोरोना वायरस की मार झेल रहे किसानों की इससे मदद हो पाएगी।

किसानों की टूटी कमर

आनंद महिंद्रा के मुताबिक रामनाथ ने अपने इस मेल में लिखा था कि 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से किसानों की रोजी-रोटी बुरी तरीके से प्रभावित हो गई है। आनंद महिंद्रा के मुताबिक उन्होंने इस ईमेल की गंभीरता और उपयोगिता को समझा। इसलिए उन्होंने तुरंत सारे प्लेट हटवा दिए हैं और केले के पत्ते रखवा दिए हैं, जिन पर मजदूरों को भोजन परोसा जा रहा है।

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