राहुल का कर्नाटक मिशन ‘फिर चलेंगे सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर’

कर्नाटक: सूबे की सियासत चुनावी रंग में रंगती हुई नजर आ रही है। जी हां, पीएम मोदी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष कर्नाटक में चुनावी बिगुल फूंकने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि गुजरात में कांग्रेस भले ही हार गई हो लेकिन राहुल की मेहनत की तारीफ हर किसी ने की, ऐसे में राहुल गांधी एक बार फिर से गुजरात का समीकरण कर्नाटक में अपनाने की तैयारी कर चुके हैं। आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

कर्नाटक में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। जी हां, देशभर में कर्नाटक ही एक ऐसा बड़ा राज्य है, जहां कांग्रेस की सरकार है, ऐसे में कांग्रेस के लिए अपनी आखिरी साख को बचाना बहुत बड़ी चुनौती है। कांग्रेस की साख को बचाने के लिए राहुल गांधी खुद इस चुनाव की अगुवाई करेंगे। बताते चलें कि राहुल गांधी कांग्रेस की जमीनी सियासत तैयार करने की कवायद कर रहे हैं, जिसके के लिए राहुल ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वो जमीनी स्तर से जुड़े तभी बीजेपी को मात दिया जाता है।

याद दिला दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने कर्नाटक चुनाव को लेकर कर्नाटक में बड़े-बड़े वादे करते हुए नजर आएं। इस दौरान पीएम मोदी ने कर्नाटक चुनाव के लिए बीजेपी के सीएम पद की घोषणा भी कर डाली। दरअसल, पीएम मोदी का चुनाव से पहले कर्नाटक जाना, इसके पीछे की वजह ये है कि पीएम मोदी जनता का मूड बनाने के लिए गये थे। बता दें कि पीएम मोदी ने वीएस येदियुरप्पा को सीएम पद के लिए प्रबल दावेदार मानते हुए उनका ऐलान किया।

पीएम मोदी के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी 10 फरवरी से चार दिनों तक कर्नाटक के दौरे पर जा रहे हैं, जिस दौरान राहुल कर्नाटक में कांग्रेस के हालात पर गौर करने के अलावा सियासत का संग्राम का ऐलान भी करते हुए नजर आएंगे। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक में जमीनी सियासत करने की कोशिश करेंगे। राहुल गांधी के हाल के चुनावों पर नजर डाला जाए, तो उनके तेवर बदल गये हैं। राहुल गांधी एक रणनीति के तहत कर्नाटक में चार दिनों तक चुनावी सियासत का ऐलान करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष पूरी तरह से कोशिश करेंगे कि कर्नाटक की सत्ता उनके हाथ फिसलने न पाए।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने चुनाव प्रचार में मंदिर मंदिर मत्था टेक रहे हैं, ऐसे में कर्नाटक में भी हुलीगेम्मा मंदिर, गवी सिद्धेश्वरा मठ और ख्वाजा नवाज दरगाह जाएंगे, जिसके जरिए राहुल गांधी वोटरों को लुभावने की कोशिश करेंगे। बात दें कि कर्नाटक में चुनाव मार्च या अप्रैल में होने की संभावनाएं हैं, हालांकि चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान फिलहाल नहीं किया है। कर्नाटक में विधानसभा की कुल 225 सीटें हैं।

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