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अभिनंदन की रिहाई को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, पाक विदेश मंत्री कांप रहे थे थर-थर, जानिए पूरा सच

आप सभी लोग विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को तो अच्छी तरह जानते ही हैं। जी हां, जिन्होंने पिछले वर्ष 27 फरवरी को पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट मार गिराया था लेकिन इसके पश्चात भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का विमान क्रैश हो गया था और वह पीओके में जा गिरे थे। कुछ ही घंटों में पाकिस्तान की सेना ने अभिनंदन को अपने कब्जे में ले लिया था लेकिन बाद में अभिनंदन की रिहाई भी हो गई थी। भले ही इस मुद्दे को काफी समय बीत चुके हैं परंतु इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान में आज भी सियासत जारी है।

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पाकिस्तान ने ना सिर्फ इसलिए अभिनंदन को आजाद किया था कि वह भारत से रिश्ते बिगाड़ना नहीं चाहता था बल्कि पाकिस्तान को इस बात का डर था कि भारत उस पर हमला कर देगा। अभिनंदन की रिहाई को लेकर लंबे समय पश्चात पाकिस्तानी सांसद अयाज सादिक ने इमरान सरकार के खौफ का खुलासा किया है। तो चलिए जानते हैं आखिर अभिनंदन की रिहाई का पूरा सच क्या है?

अयाज सादिक ने किया यह दावा


आपको बता दें कि अयाज सादिक ने इस बात का दावा किया है कि भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी खौफ में थे। महमूद कुरैशी ने यहां तक कह दिया था कि भारत पाकिस्तान पर हमला करने वाला है। इसी वजह से अभिनंदन को रिहा करना बेहद आवश्यक है।

अयाज सादिक ने संसद में अपने भाषण में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुलभूषण के लिए हम अध्यादेश लेकर नहीं आए थे। कुलभूषण को हमने इतनी एक्सेस नहीं दी थी जितनी इस हुकूमत ने दी। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि “अभिनंदन की क्या बात करते हैं, शाह महमूद कुरैशी और आर्मी चीफ उस मीटिंग में थे। कुरैशी ने कहा था कि अभिनंदन को वापस जाने दो, खुदा का वास्ता है अभिनंदन को जाने दें।” उस बैठक में इमरान खान ने आने से मना कर दिया था। कुरैशी के पैर कांप पर रहे थे। माथे पर पसीना आ रहा था। हमसे कुरैशी ने कहा था कि खुदा का वास्ता, अब इसको वापस जाने दें क्योंकि 9:00 बजे रात हिंदुस्तान पाकिस्तान पर हमला कर रहा है। जबकि सच मायने में देखा जाए तो ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला था।

जानिए क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि पिछले वर्ष पाकिस्तानी जहाजों को खदेड़ते हुए भारतीय वायु सेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान का प्लेन क्रैश हो गया था, जिसके बाद अभिनंदन पैराशूट के माध्यम से विमान से नीचे कूद गए थे लेकिन जिस जमीन पर वह आकर गिरे थे वह पीओके की थी। जहां से उन्हें पाकिस्तान के सैनिकों ने पकड़ लिया था। पाकिस्तान ने अभिनंदन को मानसिक रूप से तोड़ने का बहुत प्रयत्न किया परंतु उनको सफलता नहीं मिल पाई थी। वहां के स्थानीय लोगों ने भी उनके ऊपर हमला किया लेकिन यह डटे रहे थे। आखिर में पाकिस्तान ने अभिनंदन को 1 मार्च को अटारी वाघा सीमा से भारत भेज दिया गया। अभिनंदन ने अपने वतन भारत की वापसी की थी। बहादुर विंग कमांडर की हिम्मत को देश के लोग अभी भी सलाम करते हैं।

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