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दुर्घटना में खो दिया एक हाथ, मुश्किल हालात में नहीं खोया हौसला, ठेला लगाकर घर चला रहा ये शख्स

इंसान अगर मेहनत करे तो वह अपने जीवन में कुछ भी कर सकता है। इंसान का हौसला और जज्बा ही व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालता है। अक्सर देखा गया है कि मनुष्य के जीवन में कई बड़ी सी बड़ी परेशानियां आती हैं। जो लोग अपने जीवन में उत्पन्न हो रही बाधाओं के आगे हार मान जाते हैं, वह हमेशा मुश्किलों में ही घिरे रहते हैं, परंतु जिन लोगों के हौसले बुलंद रहते हैं और अपने हौसले के दम पर जो लोग इन बाधाओं को पार कर लेता है, वह अपने जीवन में हर नामुमकिन को भी मुमकिन बना सकता है। आज हम आपको सड़क के किनारे ठेला लगाकर अपना जीवन व्यतीत करने वाले एक शख्स के बारे में जानकारी देने वाले हैं। इस शख्स के बारे में जानकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। इस शख्स की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

दुर्घटना में खो दिया था एक हाथ

हम आपको जिस शख्स की कहानी बता रहे हैं उसका नाम पीताम्बर है। पितांबर ट्रक ड्राइवर का कार्य करते थे परंतु वर्ष 2010 में उनके साथ एक दुर्घटना हो गई थी। इस दुर्घटना में उन्होंने अपना एक हाथ खो दिया था। एक हाथ से ड्राइविंग में जाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। दुर्घटना के बाद इनका जीवन पूरी तरह से बदल गया। कोई भी चीज पहले जैसी नहीं रही। हर चीज इनके लिए नई थी। पीताम्बर अपने जीवन में बहुत मुश्किल हालातों से गुजर रहे थे परंतु कठिन परिस्थितियों में उन्होंने हार नहीं मानी और अपने जीवन के मुश्किल दौर से निपटने का निर्णय लिया।

ठेला लगाकर चला रहे हैं घर का गुजारा

पीताम्बर के साथ हुए एक्सीडेंट ने इनकी जिंदगी में बहुत सी कठिनाइयां पैदा कर दी परंतु इन्होंने अपना हौसला नहीं खोया। यह एक बिरयानी की दुकान पर काम करते हैं। दिन में दुकान पर काम करने के बाद रात के समय सड़क के किनारे यह अपना खुद का फास्ट फूड का ठेला लगाते हैं. इनकी दुकान का नाम कृष्णा फास्ट फूड सेंटर है और यह बल्लभगढ़ में कार्य करते हैं। भले ही दुर्घटना में इनका हाथ नहीं रहा, परंतु यह एक हाथ से ही अपने सभी काम कर रहे हैं। इनकी हिम्मत की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान लाखों लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। पीताम्बर ने भी लॉक डाउन में बहुत सी कठिन परिस्थितियां देखी थीं। इनको आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा था परंतु लॉकडाउन खत्म होने के बाद इनका जीवन दोबारा से ठीक प्रकार से चलने लगा। पितांबर भले ही शरीर से अपाहिज हुए परंतु हौसलों से नहीं। उन्होंने बताया कि जब मेरे साथ दुर्घटना हुई थी तब मेरे भाई और रिश्तेदारों ने मेरी मदद की थी। उन्होंने इन सभी का शुक्रिया अदा भी किया है। इनका कहना है कि भगवान की कृपा से मेरी दुकान ठीक-ठाक चलती है और मैं अच्छी कमाई कर लेता हूं।

सोशल मीडिया पर आए दिन कोई ना कोई वीडियो वायरल होता रहता है। हाल ही में बाबा का ढाबा का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद बाबा का ढाबा की सहायता के लिए बहुत सारे लोग सामने आए थे, इसके अलावा ऐसी बहुत सी कहानियां सामने आई हैं, जो हर किसी के लिए किसी बड़ी प्रेरणा से कम नहीं है।

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