ब्रेकिंग न्यूज़

अन्ना आंदोलन का तीसरा दिन, हार्दिक पटेल हो सकते हैं शामिल

दिल्ली के रामलीला मैदान में समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर से हुंकार भरते हुए नजर आ रहे हैं। जी हां, अन्ना हजारे सात सालों बाद एक बार फिर से इतिहास दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। पिछली बार जब अन्ना ने आंदोलन किया था, तो उस आंदोलन जन आंदोलन का नाम दिया गया था, क्योंकि अन्ना के आंदोलन में भारी जनसैलाब देखने को मिला था, ऐसे में एक बार फिर अन्ना अपनी हुंकार भर रहे हैं। आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

अन्ना हजारे पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैंठे हैं, ऐसे में उनकी तबीयत भी खराब हो गई है, जिसकी वजह से उनका वजन भी गिर रहा है, लेकिन सरकार आंख बंद कर सोती हुई नजर आ रही है। बताते चलें कि अन्ना बार बार कह रहे हैं कि वो इस बार यहां से तभी हटेंगे, जब उनकी सभी मांगों मान लिया जाएगा, वरना वो यहीं पर अनिश्चित समय के लिए हड़ताल करते रहेंगे। याद दिला दें कि पिछली बार भी अन्ना की तबियत बहुत ही ज्यादा खराब हो गई थी, जिसके बाद तत्कालीन सरकार को झुकना पड़ा था, लेकिन वो बिल आज भी संसद में पड़ा हुआ है।

anna-25-03-2018-1

खबर तो यह भी है कि पटेल आरक्षण के नेता हार्दिक पटेल भी आज दिल्ली में अन्ना का साथ देने के लिए आ सकते हैं। हालांकि हार्दिक कब तक दिल्ली पहुंचेगे, इस बात की कोई खबर नहीं है। लेकिन हार्दिक अन्ना का समर्थन करने जरूर आ सकते हैं। बता दें कि पटेल आंदोलन से उभरे हार्दिक गुजरात चुनाव में भी अपनी मांग को लेकर अड़े रहे, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई, ऐसे में वो अब अन्ना आंदोलन से अपनी हुंकार भर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि अन्ना की मांग क्या क्या है?

अन्ना हजारे की मांग क्या है?

आपको बता दें कि समाजसेवी अन्ना हजारे की मांग है कि जल्दी से लोकपाल बिल को पारित किया जाए, इसके अलावा अन्ना तमाम मुद्दों को लेकर धरने पर बैंठे हैं, तो आइये जानते हैं कि अन्ना की मांग क्या क्या है?

1.लोकपाल विधेयक पारित औऱ इससे संबंधित कानून तुरंत लागू किया जाए।

2.इस बिल को कमजोर करने वाली धारा 44 और धारा 63 के संशोधन तुरंत रद्द हो।

3.कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने के साथ उसे पूरी आजादी मिले।

4.खेती पर निर्भर 60 साल से ऊपर की उम्र वाले किसानों को हर महीने 5 हजार का पेंशन दिया जाए।

5.हर राज्य में सक्षम लोकायुक्त की नियुक्ति हो।

6.चुनाव की विश्वसनीयता को बनाये रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया में हर संभव सुधार किया जाए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Close