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जुनून के लिए कभी बेचा था मां का मंगलसूत्र, अब सरकार देगी 3500 करोड़ एयरक्राफ्ट बनाने के लिए

कैप्टन अमोल यादव : कहते हैं अगर किसी चीज को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है .. वैसे तो ये एक फिल्मी डॉयलाग है.. पर रियल लाइफ में भी ये पूरी तरह सटीक बैठती है। आज जिस शख्स के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं उसके जनून और सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी है। दरअसल हम बात कर रहे हैं देश के पहले स्वतंत्र विमान निर्माता कैप्टन अमोल यादव की जिसके साथ हाल ही में महाराष्‍ट्र सरकार ने 35 हजार करोड़ रूपए की डील की है। यहां खास बात ये है कि बेहद साधारण परिवार से ताल्लुख रखने वाले अमोल ने यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया है और तब जाकर उनके काम को पहचान मिली है और उनके हांथों ये बड़ी सफलता लगी है। चलिए जानते हैं अमोल के जज्बे और जीवट्ता के इस कहानी को ..

छत पर हवाई जहाज बनाकर चर्चा में आए थे कैप्टन अमोल यादव :

गौरतलब है कि अमोल यादव वो शख्स हैं जो अपनी घर की छत पर हवाई जहाज बनाकर चर्चा में आए थे। दरअसल जेट एयरवेज में डिप्टी चीफ पायलट रहे अमोल ने 19 साल मेहनत करके 2011 में एयरक्राफ्ट टीएसी-003 बनाया था। हालांकि इसका सर्टिफिकेट पाने में अमोल को कई साल लग गए। यहां तक कि इस कोशिश में एक ऐसा भी वक्‍त आया था जब अमोल ने हताश होकर अपने विमान के प्रोटोटाइप के साथ अमेरिका जाने की सोचने लगे थें पर फिर बाद में उन्‍हें सर्टिफिकेट मिल गया।

मां ने अपना मंगलसूत्र बेचकर मुझे पैसे दिए थे :

उस वक्त कैप्टन अमोल यादव के प्रोजेक्‍ट को मुंबई में हुए ‘मेक इन इंडिया’ में प्रदर्शित किया गया था।  अमोल अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि मेरे सपने को सच करने के लिए मां ने अपना मंगलसूत्र बेचकर मुझे पैसे दिए थे और भाई ने अपना घर तक गिरवी रख दिया थ । उस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए मैंने एयरक्राफ्ट बनाने के लिए घर की छत पर ही टीन शेड लगाया था।

पर ये कैप्टन अमोल यादव के जज्बे और जनून की है बानगी है कि आज उनके साथ महाराष्ट्र सरकार एक बड़ा सपना साकार करने जा रही है। हाल ही में महाराष्‍ट्र सरकार ने अमोल के साथ 35 हजार करोड़ की डील की है। असल में महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को अमोल यादव को पालघर में 20 सीटर विमान बनाने के लिए एक स्वदेशी कारखाना लगाने के लिए मंजूरी प्रदान की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने अमोल यादव के थ्रस्ट एयरक्राफ्ट प्रा. लि. के साथ छोटे विमान के निर्माण और पालघर को एक नए विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

कैप्टन अमोल यादव के अनुसार इस साल फरवरी में जब मुंबई में मेक इन इंडिया वीक हुआ तो एक बार फिर से अमोल ने अपने विमान को प्रदर्शनी में रखने के लिए सोचा .. पर चूंकि उनके पास अनुमति नहीं थी, ऐसे में पुलिस वाले उन्हें हटाने लगे.. पर फिर ये खबर जब मुख्यमंत्री फडणवीस को मिली तो उन्होंने इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की और फिर इस सिलसिले में सीएम और पीएम के बीच 4 बैठकें हुईं थी जिसका नतीजा ये रहा कि आज ये प्रोजेक्ट अमोल को मिला है।

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