कुंडली मिले या ना मिले, शादी से पहले लड़के-लड़की का ये मेडिकल चेकअप ज़रूर करा लें

हिन्दुस्तान में सात जन्मों के साथ के लिए जीवनसाथी की तलाश बहुत शिद्दत से की जाती है क्योंकि भारत में शादी का जैसा महत्व है शायद ही वैसा किसी देश में हो। इसीलिए यहां शादी से पहले बहुत सारी तैयारियां कर ली जाती हैं.. कुंडली मिलाने से लेकर वर वधु के घर परिवार की अच्छी तरह जांच पड़ताल की जाती है पर इन सब के अलावा एक बेहद ज़रूरी बात, जिस पर ज़्यादातर लोग ध्यान नहीं देते एक-दूसरे के घर-परिवार, ज़मीन-जायदाद के बारे मे जानना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है कि होने वाले दूल्हा-दुल्हन, एक-दूसरे के हेल्थ के बारे में जानना। लोगों को लगता है कि ये उनकी कमियां पता लगाने के लिए है, जबकि ये एक-दूसरे के बारे में जान कर बेहतर तरीके से भविष्य की योजना बनाने के लिए है।

युवाओं के मन में ये ग़लतफ़हमी है कि इसमें वर्जिनिटी टेस्ट भी शामिल होता है। शादी की इतनी सारी तैयारियों में इस तरह के चेकअप कराने का छोटा-सा फ़ैसला भविष्य की बड़ी परेशानियों को टाल सकता है. इसका मकसद ये जानना होता है कि शादी करने के लिए आप शारीरिक रूप से कितने तैयार हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे ही हेल्थ चेकअप के बारे में बता रहे हैं, जो एक सफ़ल शादीशुदा ज़िंदगी के लिए लोगों को ज़रूर कराने चाहिए।

बल्ड ग्रुप टेस्ट

खून की जांच कराना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे आरएच फैक्टर के बारे में पता चल जाता है दरअसल विपरित आरएच फैक्टर के कारण ही गर्भावस्था और प्रसव के दौरान कई तरह की समस्याएं आती हैं। पर लड़का-लड़की दोनों का Rh फैक्टर एक समान है तो बहुत अच्‍छा है। प्रेगनेंसी के समय बच्चे और मां का अलग-अलग Rh फैक्टर होने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इन्फ़र्टिलिटी स्क्रीनिंग (जनन क्षमता)

इससे ज़्यादातर लोग कतराते हैं. उन्हें लगता है कि अगर कुछ कमी हुई, तो उनकी आने वाली ज़िंदगी में मुश्किलें बढ़ जाएंगी. अचानक कुछ पता चले और झटका लगे, उससे अच्छा है कि आप आने वाली परिस्थितियों के लिए पहले से खुद को तैयार रखें। इन्फ़र्टिलिटी स्क्रीनिंग के बारे में भी ये भ्रम है कि ये सिर्फ़ लड़कियों के लिए होता है. जबकि, ये टेस्ट लड़का और लड़की दोनों को ही कराना चाहिए। लड़कियों में Reproductive Hormones जैसे FSH, LH, Prolactin और PCOS की जांच होती है। ये जांच ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से होती है। वहीं लड़कों को इन्फ़र्टिलिटी स्क्रीनिंग के लिए Sperm Sample देना होता है।

एचआईवी

ज़ाहिर है इनका नाम सुन कर ही लोग नज़रें चुराने लगते हैं, लेकिन ये दोनों एक जानलेवा बीमारी हैं. बात जब पूरी ज़िंदगी साथ बिताने की हो, तो बेहतर है कि दोनों साथी सहमति से एक बेहतर जीवन के लिए अपनी जांच करवा लें।

जेनेटिक टेस्‍ट

आनुवांशिक बीमारियों (जेनेटिक डिजीज) को जानने के लिए जेनेटिक टेस्‍ट करवाना जरूरी है क्‍योंकि इससे ये पता चल जाता है कि आपके होने वाले पार्टनर को कोई अनुवांशि‍क बीमारी तो नहीं है। जानकारी होने पर आप बचाव कर सकते हैं।

कपल चेकअप

ये एक-दूसरे के बीच आपसी समझ बढ़ाने के लिए एक मनोवैज्ञानिक टेस्ट है. ये एक ऑनलाइन टेस्ट की तरह है, जिसमें आपको अपने साथी का साथ देना होता है। इससे आपके रिलेशनशिप की पॉजिटिव और निगेटिव बातें पता चलेंगी. ये एक Questionnaire के रूप में होता है। इसे सबमिट करने के कुछ ही मिनट में आपको एक 12-15 पन्नों की रिपोर्ट मिलेगी। इससे अपनी कमियों को समझ कर आप अपने रिश्ते को और बेहतर कर सकते हैं।

 

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