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यूक्रेन में फंसी बिटिया को घर में देखते ही भावुक हो गये पिता, पीएम राहत कोष में दे दिये इतने रुपये

यूक्रेन में युद्ध की स्थिति जैसे-जैसे भयावह हो रही है वहां फंसे भारतीय छात्रों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। इस बीच भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है जो भी भारतीय छात्र इस समय कीव और खारकीव शहर में फंसे है वो जिस भी हालत में हैं तुरंत यूक्रेन छोड़ दें और उन्हें जो भी साधन मिले उसे लेकर पश्चिमी सीमा के देशों के बॉर्डर पर पहुंचे।

इस बीच जंग के हालात के बीच भारत लौटी एक छात्रा के पिता बेटी को वापस घर पर देखकर इतने भावुक हो गए कि उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री राहत कोष में 21,000 रु दान कर दिए। यही नहीं उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री राहत कोष में भी 11.000 रु दान किए हैं। इस पिता ने भारत सरकार और पीएम मोदी का बहुत-बहुत आभार भी जताया है। क्या है पूरा मामला आपको आगे बताते हैं।

यूक्रेन से लौटी अंकिता

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की अंकिता यूक्रेन से लौटी हैं। सोमवार को जब अंकिता अपने घर पहुंची तो उनके पिता डॉ. जेबी ठाकुर इतने भावुक हो गए कि उन्होंने तुरंत ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 21000 रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष में 11000 रुपये दान कर दिया।

अंकिता के पिता डॉ. जेबी सिंह आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र झलेड़ी में बतौर चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं, जबकि माता अनीता देवी ग्रहणी हैं। अंकिता एचआरटीसी की वॉल्वो बस से हमीरपुर बस स्टैंड पहुंची तो अंकिता के पिता भावुक हो गए। हमीरपुर जिले के अमरोह के साथ लगते गांव चुनहाल की अंकिता ठाकुर को युद्ध के कारण पढ़ाई बीच में छोड़कर वापस आना पड़ा है। अंकिता ठाकुर के वापस लौटने पर घरवालों ने उसकी आरती उतारी और पूजा-अर्चना के बाद केक काटकर भव्य स्वागत किया।

हिमाचल के रजत सिंह भी सुरक्षित लौटे

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने बताया कि हिमाचल के रजत सिंह की सकुशल वापसी हो गई है। रजत सिंह की सकुशल वापसी पर पिता राकेश ठाकुर और उनकी मां ने खुशी व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एवं भारत सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया है। हमीरपुर पहुंचकर इस दंपति ने अपने बच्चों सहित पूर्व मुख्यमंत्री से आशीर्वाद लिया और उनका मुंह मीठा करवाया।

आंखों में खुशी के आंसू और बेटे से वापस मिलने की खुशी में रुंधे हुए गले से राकेश ठाकुर की पत्नी ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मदद के कारण ही उनके बेटे की सकुशल घर वापसी संभव हो पाई है। यदि समय पर पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री उनकी मदद ना करते तो उनके बेटे की इतनी जल्दी सकुशल वापसी हो पाना असंभव दिख रही था।

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