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5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर लगेगा साल का तीसरा चंद्र ग्रहण, इस राशि पर पड़ेगा सबसे अधिक प्रभाव

5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण, भारत दक्षिण एशिया के कुछ स्थानों, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा

5 जून को चंद्र ग्रहण और 21 जून को सूर्य ग्रहण लगने के बाद अब गुरु पूर्णिमा पर 5 जुलाई को फिर चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। एक महीने के अंदर ये तीसरा ग्रहण है। 5 जूलाई को रविवार के दिन लगने वाला या चंद्र ग्रहण धनु राशि में लग रहा है। हिंदू पंचाग के अनुसार इस दिन सूर्य मिथुन राशि में होंगे और पूर्णिमा तिथि रहेगी। ज्योतिष की माने तो एक महीने के अंदर दो या उससे अधिक ग्रहण शुभ नहीं होते हैं। इससे हर राशि पर कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ेगा, लेकिन धनु राशि वालों पर इसका प्रभाव सबसे अधिक रहेगा।

चंद्र ग्रहण का समय

ग्रहण 5 जुलाई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट से शुरु होगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 24 सेकेंड होगी।

धनु राशि वालें रखें खास ध्यान

चूंकि चंद्र ग्रहण धनु राशि में लग रहा है ऐसे में इसका प्रभाव धनु राशि के लोगों के पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। इस राशि के जातकों को ग्रहण के कारण मानसिक तनाव, सेहत से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या हो सकती है। माता को कष्ट हो सकता है। ग्रहण के अशुभ प्रभाव से अगर बचना है तो भगवान शिव की पूजा करें और सोमवार का व्रत रखें।

सूतक काल मान्य नहीं

ग्रहण के समय सूतक काल ऐसा समय होता है जब इसमें कोई भी शुभ काम नहीं होता है। इसके कारण ही सूतक काल में कई तरह की सावधानियां बरती जाती है, लेकिन 5 जुलाई के ग्रहण उपच्छाया ग्रहण है। उपच्छाया ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होता है। 5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण, भारत दक्षिण एशिया के कुछ स्थानों, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा।

क्या है उपच्छाया चंद्र ग्रहण

उपच्छाया चंद्र ग्रहण उस ग्रहण को कहते हैं जब सूरज और चांद के बीच पृथ्वी आ जाती है। इस भौगोलिक स्थिति में ये तीनों एक सीध में नहीं होते हैं। इस दौरान पृथ्वी के बीच के हिस्से में पड़ने वाली छाया को अंब्र कहते हैं। वहीं चांद के बाकी हिस्से में पृथ्वी के बाहरी हिस्से की छाया पड़ती है जिसे पिनम्ब्र या उपच्छाया कहते हैं।

ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ख्याल

  • ग्रहण लगने से पहले ही सूतक काल शुरु हो जाता है। सूतक काल लगने से पहले कुछ भी नहीं खाना चाहिए
  • माना जाता है कि ग्रहण पोषण तत्वों को ज्यादा प्रभावित करता है। इस दौरान खाना पकाना भी मना होता है।
  • ग्रहण के समय व्रत रखना या उपवास करना सही है, लेकिन अगर आप बीमार हैं तो फिर उपवास नहीं रखना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए।
  • इसके साथ ही पानी में 8-19 तुलसी का पत्ता डालकर उबालकर इसे पीना चाहिए।

हालांकि इस दिन भारत में चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा तो सूतक भी नहीं लगेगा। वहीं 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इस दिन अपने गुरु की पूजा करनी चाहिए  और उनसे जीवन में सफलता पाने की कामना करनी चाहिए। हिंदू पंचाग के अनुसार  इस दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेद व्यास की जयंती मनाई जाती है। पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा करनी चाहिए और साथ ही उनकी पूजा करनी चाहिए।

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