29 साल बाद अपनी मूल राशि में प्रवेश करेंगे शनि, आप की राशि पर पड़ेगा यह प्रभाव

इस महीने शनि अपनी मूल राशि यानी मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि देव के इस राशि परिवर्तन से राशियों पर असर पड़ने वाला है। शनि का ये राशि परिवर्तन 29 सालों बाद हो रहा है। 24 जनवरी को सुबह 9.51 बजे शनि धनु राशि में से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इस राशि में शनि ढाई साल तक रहने वाले हैं। ढाई साल तक इस राशि में रहने के बाद शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।

शनि को न्याय का देवता कहा जाता है और जिन लोगों द्वारा बुरे कर्म किए जाते हैं, उन लोगों को शनि देव द्वारा दंड दिया जाता है। शनि के राशि परिवर्तन से कई सारी राशियों में साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी और साढ़े साती शुरू होते ही जीवन में कई तरह की परेशनियां आने लग जाएंगी। हालांकि की ये जरूर नहीं है कि साढ़े साती जीवन में केवल बुरा प्रभाव डाले। जिन लोगों ने अच्छे कर्म किए होंगे उन लोगों पर साढ़े साती का शुभ असर पड़ता है।

शनि के प्रकोप से बचने के लिए आप नीचे बताए गए उपायों को करें। इन उपायों को करने से शनि की ढैया और साढ़े साती से आपकी रक्षा होगी।

पीपल के नीचे दीपक जलाएं

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल के सात दीपक जलाएं। इन दीपकों को जलाते समय शनि मंत्र का जाप करें। ये दीपक जलाने के बाद पेड़ की परिक्रमा भी करें और पेड़ को काले तिल अर्पित करें। ये उपाया आप 11 शनिवार तक करते रहें। इन उपायों को करने से शनि ग्रह से आपको मंगल फल ही हासिल होंगे। वहीं हो सके तो इस उपाय को करते हुए काले वस्त्र ही धारण करें। क्योंकि काला रंग शनि देव से जुड़ा हुआ होता है।

ऊनी कपड़े दान करें

शनिवार के दिन ऊनी कपड़ों का दान करें। ऊनी कपड़ों का दान करने के बाद शनि स्त्रोत का पाठ करें। इस उपाय को आप लगातर 3 शनिवार करें। ऊनी कपड़े के अलावा काली दाल और चप्पल का दान करना भी शुभ होता है।

करें हनुमान की पूजा

हनुमान जि की पूजा करने से शनि देव की वक्र दृष्टि से रक्षा होती है। इसलिए मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें और इनकी पूजा करते समय इन्हें सरसों का तेल अर्पित करें। ऐसा करने से शनि देव आपसे प्रसन्न हो जाएंगे।

अपनी छाया दान करें

शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए अपनी छाया का दान करें। शनिवार के दिन स्नान करके एक कटोरी में सरसों का तेल डाल लें। फिर इस कटोरी में अपना चेहरा 1 मिनट तक देंखे। इसके बाद ये तेल आप शनि मंदिर में जाकर किसी कोने में रख आएं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें की तेल रखने के बाद आप वापस से पीछे मुड़कर ना देंखे और सीधा अपने घर आ जाएं। इस उपाय को आप 7 शनिवार तक करें।

ऊपर बताए गए उपायों को करने से शनिदेव से रक्षा होती है और जीवन में सुख और शांति बनीं रहती है। इसलिए इन उपायों को आप जरूर करें।