इलाज छोड़ कैंसर पीड़िता ने खानी शुरू की “हल्दी की गोली”, परिणाम देख डॉक्टर भी रह गए हैरान

आज के समय में भले ही अंग्रेजी दवाओं और चिकित्सकीय विधि का प्रचलन बढ़ गया है पर आज भी हमारी पुरानी आर्युवेदिक पद्धति है बेहद कारगर हैं। आर्युवेद में ना सिर्फ आसाध्य रोगो का इलाज सम्भव है बल्कि ये पूरी तरह सुरक्षित भी माना जाता है। कई बार कुछ गम्भीर रोगों में अंग्रेजी दवाए असर नही करती हैं तब उसका निदान आर्युवेद में ही मिलता है और हाल ही में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है.. जहां कैंसर पीड़ित एक महिला जब इलाज कराकर थक गई तो उसने ‘हल्दी की गोली’ को लेना शुरू किया और फिर कुछ ही दिनों में वो परिणाम देखने को मिला जो कि पिछले पांच सालों में इलाज के दौरान नही मिल सका।

ये मामला ब्रिटेन का है जहां एक महिला ने सिर्फ घरेलू दवाओं का प्रयोग कर जानलेवा बीमारी ‘ब्लड कैंसर’ को हरा दिया है। जी हां, वो भी उस गम्भीर स्थिति में जब उसका इलाज कर रहे डॉक्टर भी हार मान चुके थें । दरअसल उत्तरी ब्रिटेन में रहने वाली 67 वर्षीय डिएनेक फेर्गसन पिछले पांच साल से ब्लड कैंसर से ग्रसित थीं। उन्होनें इसका इलाज कराया पर कोई फायदा नहीं हो रहा था। आखिरी में जब उन्होंने खुद ही अपना इलाज बंद कर हल्दी की गोली खाने शुरू की तो उनकी हालत में काफी सुधार हो गया और आखिर मे उन्होनें कैंसर को हरा ही दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपंग कर देने वाले ब्लड कैंसर ‘माएलोमा’ से ग्रसित फेर्गसन की तीन बार कीमोथेरेपी कराई गई पर उससे लाभ मिलने के बजाए उनका दर्द और बढ़ गया।  ऐसे में डॉक्टर भी इस बात को लेकर डरने लगें कि अब फेर्गसन की स्थिति में सुधार हो पाएगा और उनकी जान बच पाएगी। दरअसल माएलोमा में प्लाजमा सेल असामान्य और अनियंत्रित तरीके से बढ़ता है। लेकिन अब फिलहाल, फेर्गसन का प्लाजमा सेल काफी कम हो गया है और ये इलाज से नही बल्कि घरेलु दवा से सम्भव हो सका है।

असल में जब फेर्गसन को इलाज से जब कोई फायदा होता नही दिखा तो उसनें इलाज कराना बंद कर हर रोज आठ ग्राम की हल्दी की एक गोली लेनी शुरू कर दी। ऐसा उसने लंबे समय तक किया और इसका नतीजा ये हुआ कि जब वो कुछ साल बाद डॉक्टर के पास पहुंची तो उसकी स्थिति में सुधार देखकर वो हैरान रह गए। बार्ट्स हेल्थ एनएचएस ट्रस्ट के डॉक्टर जो कि फेर्गसन का इलाज कर रहे थें, उनका कहना है कि उनकी जानकारी में यह पहली बार हुआ है कि जरूरी इलाज बंद होने के बावजूद लगातार बढ़ रही बीमारी ठीक हो गई।

हालांकि आपको बता दें कि यह गोली रसोई में इस्तेमाल होने वाली सामान्य हल्दी की नहीं थी। बल्कि ये उससे बहुत अलग है। गौरतलब है कि दस दिन की इस गोली की कीमत लगभग 4297 रुपये है। इसमें रसोई में प्रयोग की जाने वाली हल्दी की अपेक्षा अधिक मात्रा में करक्यूमिन होती है, । असल में करक्यूमिन एक प्रकार का तत्व है जो हल्दी में पाया जाता है और इसी वजह से हल्दी की गोली महिला के कैसंर को खत्म करने में कारगर साबित हो सकी है।

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