बॉलीवुड

आमिर खान पैसों के लिए ऑटो रिक्शा पर चिपकाया करते थे पोस्टर, ऑटो ड्राइवर ने लगा दी थी ड़ांट

मुम्बई – आमिर खान की पॉपुलरिटी आज बॉलीवुड से निकलकर हॉलीवुड और दुनिया के हर कोने में पहुंच चुकी है। आमिर खान की पहचान बॉलीवुड में मि. परफेक्शनिस्ट के तौर पे होती है जो हिट फिल्में देने के मास्टर हैं। साल में एक फिल्में करने वाले आमिर खान की बाकी सारी फिल्मों पर अकेले भारी पड़ती थी। लेकिन आज हम उनके स्टाडम की बात नही कर रहे हैं, बल्कि आज हम बात कर रहे हैं आमिर खान के संघर्ष के दिनों की, जब वो पैसे पैसे के मोहताज थे।

 आज हम बात कर रहे हैं आमिर खान से जुड़े एक रोचक किस्से की। यह किस्सा उस वक्त का है जब आमिर खान मुंबई की सड़कों पर ऑटो रिक्शा के पीछे पोस्टर चिपकाते दिखे थे। दरअसल, ये किस्सा उस वक्त का है जब आमिर को बॉलीवुड में अभी कुछ खास पहचान नही मिली थी। आमिर खान बॉलीवुड के साथ साथ बाहर की दुनिया के लिए भी अंजान थे। हालांकि, ये किस्सा जब हुआ था आमिर खान की 2 फिल्में आ चुकी थीं।

आपको बता दें कि साल 1988 में आमिर खान की एक फिल्म आई थी जिसका नाम था कयामत से कयामत। इस फिल्म की रिलीज के बाद ऐसी खबरे आई की फिल्म को प्रमोट करने के लिए पैसे की कमी थी। इसलिए आमिर खान को खुद मुंबई की सड़कों पर ऊतरकर ऑटो रिक्शा के पीछे फिल्म के पोस्टर चिपकाना पड़ती था।

पोस्टर चिपकाते हुए आमिर और ऑटो चालकों में अक्सर झगड़े भी हो जाते थे। तब आमिर खान को यह बताना थे कि वह इस फिल्महर के हीरो हैं। गौरतलब है कि आमिर ने पहली बार चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर साल 1973 में यादों की बारात में काम किया था। फिर 1984 फिल्म होली में काम किया था।

 

मीडिया में इस तरह की खबरे कई बार आई की पोस्टर चिपकाते वक्त कई बार आमिर खान और ऑटो रिक्शा वालों के बीच झगड़े भी हो जाया करते थे। कहा जाता है कि एक बार पोस्टर चिपकाते वक्त एक ऑटो चालक उनपर भड़क भी गया था। दरअसल, ऑटो वाले को अंदाजा नहीं था कि वह जिस शख्स को डांट रहा है वह एक दिन बॉलीवुड का सुपरस्टार होगा। इस बात का जिक्र आमिर खान अपने कई इंटरव्यू में कर चुके हैं। गौरलतब है कि आमिर खान के पिता उन्हें डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Close