स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत और भूटान के पीएम ने किए ऐसे ट्वीट, कि बढ़ गयी चीन की चिंता

भारत और भूटान की दोस्ती इस समय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याती पा रही है ..भारत ने अपने इसी मित्र देश के लिए पङोसी देश चीन से पंगा ले रखा है और चीन से युद्ध की लागातार मिल रही धमकियों के बावजूद भूटान की सम्प्रभूता की रक्षा करने के लिए दृढ़ है। इस स्वतंत्रता दिवस पर ये दोस्ती और प्रगाढ हुई है …असल में 15 अगस्त के मौके पर भूटान के पीएम ने भारत को 70वें स्वतन्त्रता दिवस की बधाई देते हुए ट्वीट किया और इस बधाई के लिए पीएम मोदी ने रिट्वीट कर शुक्रिया अदा की.. ज़ाहिर है कि भारत और भूटान का ये दोस्ताना चीन के लिए चिंता सबब बन गया होगा ।

भारत और भूटान का दोस्ताना

भारत, भूटान के साथ अपनी दोस्ती हर सम्भव निभा रहा है चाहें उसके लिए किसी और से दुश्मनी ही क्यों ना मोलनी पङे और यही दोस्ताना भारत और चीन के बीच चल रहे सीमाविवाद के लिए भी ज़िम्मेदार है। चीन भूटान के रास्ते से एक सड़क बनाना चाहता है जिसका विरोध भारत ने किया है और इसके चलते डोकलाम बॉर्डर पर तनातनी ज़ारी है …चीन लगातार भारत को धमकी दे रहा है लेकिन भारत अपने साथी देश के लिए युद्ध करने से भी पीछे नही हट रहा है। ऐसे में भारत का साथ भूटान के लिए दोस्ती का सबसे बङा तोहफा है ।

भूटान ने यूँ दी अपने साथी को बधाई

भारत के स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर भूटान के पीएम सेरिंग तोबगे ने ट्विट करते हुआ लिखा कि “मेरे भारतीय दोस्तों को आजादी की बधाई हो और भारत भूटान की ये दोस्ती और भी प्रगाढ़ हो”।

पीएम मोदी ने यूँ किया शुक्रिया

भूटान के पीएम की ट्वीट को पीएम मोदी ने शेयर करते हुए उसका रिप्लाई दिया और कहा कि  “आपकी बधाई के लिए आभार” ।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर लालकिले से चीन और पाकिस्तान को साफ़ साफ़ चेतावनी भी दी है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने चीन को जवाब देते हुए कहा है कि भारत की ताकत को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए दुनिया ने देख ली.. हमारी सेनाएं अपना कर्तब दिखाने में पीछे नही हटते, आतंकवाद और घुसपैठ के मौके पर सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है.. आतंरिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है समन्दर हो या सीमा हो, साइबर हो या स्पेस हो हमें हर प्रकार की सुरक्षा करनी है… भारत इसे करने में सक्षम है.. देश के खिलाफ कुछ भी होने के हौसले परस्त करने में हम सक्षम हैं।

साफ है कि इस सन्देश से डोकलाम के मुद्दे पर चीन को भी समझ आया होगा भारत किसी भी स्तर पर कमजोर नही है कि वो उसके धमकियों डर जाए