अगले 18 महीनों में 7 राज्‍यों में बनेगी बीजेपी की सरकार, जानिए कैसे?

नई दिल्ली – वैसे तो 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से ही कांग्रेस के ‘बुरे दिन’ शुरु हो चुके हैं, लेकिन अगले 18 महीने शायद कांग्रेस के लिए बहुत बुरे रहने वाले हैं। देश पर सबसे लंबे तक राज करने वाली कांग्रेस के लिए ये 18 महीने उसका भविष्य भी निर्धारित करेंगे। दरसअल, अगले 18 महीनों में देश के कुल 7 राज्‍यों में विधानसभा और लोकसभा के उप चुनाव होने हैं। लेकिन, देश में जो माहौल है उसे देखकर ऐसा लगता है कि इन सभी चुनावों में बीजेपी अकेले सभी पार्टियों पर भारी पड़ने वाली है। Bjp ready for assembly elections.

अगले 18 महीने निर्धारित करेंगे कांग्रेस का भविष्य  

अगले 18 महीने में 7 राज्‍यों में विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव होने वाले हैं। जिसे 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल या रिहर्सल माना जा रहा है। राजनीति के विशेषज्ञों का मानना है कि, 2019 के चुनाव में बीजेपी सभी क्षेत्रीय और केन्द्रीय पार्टियों पर हावी रहेगी। आपको बता दें कि अगले 18 महीनों में 7 राज्‍यों में से 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इसके अलावा, पंजाब में 1 लोकसभा सीट पर उपचुनाव और 4 नगर निगमों के चुनाव होने हैं। हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा का चुनाव तो इसी साल के अंत में होगा। जबकि अगले साल कर्नाटक, राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में चुनाव होंगे। इन 7 राज्‍यों में अगर बीजेपी कि जीत में कोई सबसे बड़ी भूमिका निभायेगा तो वो हैं बीजेपी के चाणक्य यानि अमित शाह।

ये है बीजेपी की जीत का पूरा गणित

बात करें गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव की तो चुनाव से पहले ही कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शंकर सिंह वाघेला का बगावत करना बीजेपी कि राह को और आसान बना दिया है। गुजरात में कांग्रेस के हाल का अंदाजा पार्टी के सबसे मजबूत नेता अहमद पटेल कि हार तय होने से लगाया जा सकता है। बात करें हिमाचल प्रदेश कि तो यहां अभी कांग्रेस की सरकार है और वीरभद्र सिंह मुख्‍यमंत्री हैं। लेकिन, वीरभद्र सिंह के भ्रष्‍टाचार के आरोप में घिरे होने के कारण बीजेपी को फायदा मिलेगा।

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद यहां कांग्रेस की हालत खराब है। सिद्धारमैया सरकार के कारनामों कि वजह से प्रदेश कि जनता काफी नाराज है। इसके अलावा, मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी को हरा पाना इस वक्त किसी भी पार्टी के लिए अंसभव का काम है। कांग्रेस में मध्‍यप्रदेश से शिवराज सिंह चौहान को हिलाने का दम नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में भी है। इसके अलावा, विपक्ष के पास कोई मजबूत नेता ही नहीं जो बीजेपी को टक्‍कर दे सके।