राजनीति

‘पत्थरबाज लड़की’ को लगा पत्थर, बोली – माफ कर दो अब नहीं मारुंगी सेना के जवानों को पत्थर!

नई दिल्ली : – कश्मीर के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। आज ही कश्मीर में बिगड़े हालातों पर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से मुलाकात की और इससे निपटने के लिए रणनीति पर चर्चा की। महबूबा ने सलाह दी है कि कश्मीर समस्या का हल वाजपेयी जी की नीति से निकाला जाए। दरअसल, कश्मीर में इस वक्त जो हालात हैं उसके लिए वहां के पत्थरबाज जवान और उनको उकसान वाले अलगाववादी जिम्मेदार हैं। इसी बीच खबर मिली है कि पिछले सप्ताह छात्रों के साथ प्रदर्शन कर रही 17 साल की इकरा को पत्थरबाजी के दौरान लगी चोट के कारण  अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

‘पत्थरबाज लड़की’ पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दर्जनों कश्मीरी –

हालांकि, लड़की का कहना है कि पिछले सप्ताह पुलवावा में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में वह और उसके दर्जनों साथी घायल हो गए। इस लड़की का कहना है कि हम लोगों ने बुधवार को शांति पूर्ण प्रदर्शन किया और इसी दौरान मुझे किसी का पत्‍थर लग गया। पिछले कई महिनों से चल रहे हिंसक प्रदर्शनों की तरह ही बुधवार को भी पुलवामा में हिंसक प्रदर्शन हुए।

जिसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। दोनों पक्षों का कहना है की उन्होंने कोई हिंसक कार्रवाई नहीं की। लेकिन सच क्या है यह किसी को नहीं पता। 17 वर्षीय इकरा अभी अस्पताल के बिस्तर पर है और उसके सिर में फ्रैक्चर है, उसके सिर पर पट्टियां हैं।

पत्थरबाजी से घायल स्टूडेंट बोली, दोबारा नहीं करूंगी प्रदर्शन –

पत्थरबाजी में घायल होने के बाद शायद इकरा को समझ आ गया है कि वो गलत कर रही थी। इकरा का कहना है कि उसे पिछले सप्ताह कश्मीर के पुलवामा कॉलेज पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान चोट लगी है। इस प्रदर्शन में इकरा समेत दर्जनों छात्र घायल हो गए थें।

घायल छात्रों का कहना है कि सेना के जवानों ने हथियारों से लैस होकर उनके कॉलेज पर छापेमारी की, जिसके कारण उन लोगों ने सेना के विरोध में प्रदर्शन किया। जबकि इसके उलट सेना का कहना है कि वह एक कला प्रदर्शनी की चर्चा के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल से मुलाकात करने गए थे।

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