कश्मीर श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई और सिर्फ 7 प्रतिशत मतदान हुआ। यह भारत सरकार के लिए एक चिंता का विषय है क्योंकि इससे पहले कभी भी इतने कम प्रतिशत में न तो मतदान हुए थे और न ही कभी इतनी हिंसा हुई थी। कश्मीर के हालात दिनों-दिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। पत्थरबाजों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है, स्थानीय नागरिक भी उनका ही साथ दे रहे हैं। हालात तो 80 के खौफनाक दशक से भी बुरे हो गए हैं। Farooq Abdullah on Kashmir issue.

कश्मीर की स्थिती 1980 के दशक से भी बुरी –

 

पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने एक निजी टीवी चैनल से हुई बातचीत के दौरान कहा है कि, कश्मीर की वर्तमान स्थिती 1980 के दशक की स्थिति से भी बुरी हो गई है। उन्होंने कहा कि, कश्मीर के नौजवान बेहद गुस्से में हैं जो इससे पहले कभी नहीं देखा गया। सरकार इसे स्वीकार करे और इस हालात को सुलझाने का प्रयास करे। क्या हम कश्मीर को खो रहे हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निश्चित ही आप कश्मीर खो रहे हो, जाग जाओ। इस मसले को सुलझाने के लिए हुर्रियत से बात करो, युवाओं से बात करो, नेताओं से बात करो और किसी नतीजे पर पहुंचों। नहीं तो काफी देर हो जाएगी।

श्रीनगर उपचुनाव में सिर्फ 6.5 फीसदी वोटिंग, 8 की मौत –

Farooq Abdullah on Kashmir issue

कश्मीर की श्रीनगर लोकसभा सीट पर रविवार को हुआ मतदान हिंसा के साथ खत्म हुआ। सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई। चुनावों से पहले अलगाववादियों ने बहिष्कार का ऐलान किया था जिसका व्यापक असर देखने को मिला और इसबार महज 6.5 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। इस लोकसभा क्षेत्र में कुल 12 लाख 60 हजार मतदाता रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इसबार महज 80 हजार मतदाताओं ने ही मतदान किया। मतदान के दौरान पत्थरबाजों ने श्रीनगर, बडगाम और गांदेरबल के कई मतदान केंद्रों पर पत्थरबाजी की। गौरतलब है कि अलगाववादियों ने मतदान का विरोध करने की अपील की थी, जिसका साफ असर मतदान पर पड़ा।

हिंसा पर पाकिस्तानी अखबारों ने अलापा कश्मीरी राग –

श्रीनगर उपचुनाव में सिर्फ 6.5 फीसदी वोटिंग और 8 लोगों की मौत ने पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर अपना रोना रोने का मौका दे दिया। पाकिस्तानी अखबारों ने इस हिंसा और कम वोटिंग पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार पर तीखा हमला किया। पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार डॉन ने अपनी हेडलाइन में लिखा कि ‘कश्मीरियों ने भारतीय चुनाव को नजरअंदाज किया, 8 जानों के साथ चुकाई कीमत।’  पाकिस्तान के अंग्रेजी अख़बार ऑब्जर्वर ने लिखा, ‘भारतीय सेना ने भारत के कब्जे वाले कश्मीर में 8 युवकों की हत्या की। चुनावी ड्रामा पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ।’

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