अध्यात्म

गणेशजी से दूर होगा आपके घर का वास्तु दोष, बस घर में करना पड़ेंगे ये 6 बदलाव

हिंदू धर्म में गणेशजी को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया हैं. यही वजह हैं कि किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में सर्वप्रथम गणेश पूजा किया जाता हैं. किसी त्यौहार या जयंती पर भी उन विशेष देवी या देवता की पूजा के पूर्व गणपति बप्पा की पूजा होती हैं. ऐसी मान्यता हैं कि गणेशजी का पूजन करने से घर और जीवन में रिद्धि-सिद्धि एवं शुभ-लाभ आता हैं. यही वजह हैं कि आप गणेशजी के माध्यम से अपने घर के वास्तु दोष भी दूर कर सकते हैं. घर का वास्तु अच्छा हो तो एक पॉजिटिव एनर्जी रहती हैं. आपकी लाइफ में सभी कार्य अच्छे से संपन्न होते हैं. इसके विपरीत यदि घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो जाए तो नेगेटिव एनर्जी का लेवल बढ़ जाता हैं. इसके बाद आपके जीवन में दुःख और परेशानियाँ डेरा बनाकर बैठ जाती हैं. ऐसे में आज हम आपको गणेश उपाय की सहायता से घर के वास्तु दोष को दूर करने का तरिका बताने जा रहे हैं.

1. अपने घर में वास्तु दोष से छुटकारा पाने के लिए बैठे हुए एवं बायीं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेशजी विराजित करे. इस तरह के गणेशजी को प्राथमिकता देने के पीछे भी एक वजह हैं. दरअसल दाएं हाथ की तरफ मुड़ी सूंड वाले गणेशजी थोड़े हठी स्वभाव के माने जाते हैं. ऐसे में उनकी पूजा पाठ करना भी थोड़ा कठिन हो जाता हैं. ऐसे गणेशजी को प्रसन्न करना इतना आसन नहीं होता हैं. इसलिए बायीं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेशजी को भक्त जल्दी प्रसन्न कर अपने घर का वास्तु दोष दूर कर सकते हैं.

2. घर के दरवाजे के सामने पेड़, मंदिर, खंबा इत्यादि चीजें होने पर द्वारवेध यानी दरवाजे से जुड़ा वास्तुदोष उत्पन्न होता हैं. इस स्थिति में आप अपने घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी की बैठी हुई प्रतिमा विराजित कर सकते हैं. बस इस बात का ध्यान रहे कि इस प्रतिमा या तस्वीर का आकार 11 अंगुल से ज्यादा नहीं होना चाहिए.

3. हिंदू धर्म में लोकप्रिय ‘स्वस्तिक’ का चिह्न गणेशजी का ही एक स्वरुप माना जाता हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आपके घर में कोई भी वास्तु दोष हो तो उसका निवारण स्वस्तिक से किया जा सकता हैं. इसके लिए आपको घर के वास्तु दोष वाले स्थान पर मिश्रित सिंदूर से दीवार पर स्वस्तिक बनाना होगा. ऐसा करने से घर के उस स्थान का वास्तु दोष समाप्त हो जाएगा और घर में शांत और समृद्धि बनी रहेगी.

4. एक बात का विशेष ध्यान रखे कि एक स्थान पर गणेशजी की एक ही प्रतिमा होना चाहिए. गणेशजी के पास ही दुसरे गणेशजी की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करने से गणेशजी कि दोनों पत्नियाँ रिद्धि और सिद्धि नाराज हो जाती हैं.

5. घर के वास्तु दोष को समाप्त करने के लिए गणेशजी को रोजाना दूर्वा (लंबी हरी घास) अर्पित करण चाहिए. इस दौरान आपको ‘ऊं गं गणपतये नम:’ मंत्र का उच्चारण अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से गणेशजी जल्दी प्रसन्न होते हैं और घर के वास्तु दोष को दूर कर देते हैं.

6. घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी की प्रतिमा लगा रहे हैं तो उसकी दूसरी तरफ यानी अंदर की ओर दिवार पर एक और गणेशजी की प्रतिमा लगा दे. इस तरह दोनों गणेशजी की पीठ मिल जाएगी. यह चीज वास्तु दोष समाप्त कर देती हैं.

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