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वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के दौरान रन आउट हो जाने पर धोनी ने किया खुलासा, आज भी है इस बात का अफ़सोस

पिछले साल इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइल के दौरान पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रन आउट होने का अफ़सोस उनके मन में आज भी है. 9 जुलाई के दिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी केवल 50 रन बनाकर रन आउट हो गए थे. धोनी के आउट होने के बाद इंडिया के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बहुत बड़ा झटका लगा था. इसके साथ ही इंडियन क्रिकेट फैंस भी धोनी के रन आउट होने की वजह से बहुत निराश हो गए थे. वहीं, धोनी आज भी उस मैच में अपने रन आउट होने का अफ़सोस कर रहे है. धोनी आज भी जब उस समय को याद करते हैं तो बहुत दुखी हो जाते हैं. इस बात का खुलासा धोनी ने खुद किया है.

एक इंटरव्यू के दौरान धोनी ने बताया हैं कि आज भी उन्हें उस मैच के दौरान डाइव ना लगाने का अफ़सोस है जिसकी वजह से वो रन आउट हो गए थे. इस इंटरव्यू में धोनी बताते हैं की ‘मैं रन आउट होने के बाद लगातार खुद से यह सवाल करता रहा कि मैंने डाइव क्यों नहीं लगायी. उन दो इंच के लिए मैं बार-बार अपने आप से कहता रहा कि “मिस्टर धोनी, आपको उस समय डाइव लगानी चाहिए थी” हम आपको बतादें कि न्यूजीलैंड के खिलाफ इंडिया जीत पाने के लिए 240 रनों स्कोर पूरा करने की कोशिश कर रहा था. इंडिया जीत हासिल करने से केवल 31 रन दूर था और उसके पास 12 गेंदे बची हुई थी. जब तक धोनी क्रीज पर मौजूद थे तब तक सभी के मन में फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा थी, पर उनके रन आउट होने के बाद सभी लोगों की उम्मीदें टूट गई.

इंडिया को दो-दो वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कैप्टन और एक्सपीरिएंस विकेटकीपर बैट्समैन महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 15 साल पूरे कर लिये हैं. वर्ल्ड क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी एक अकेले ऐसे कैप्टन हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीन बड़ी ट्रॉफी हासिल की है. धोनी की कैप्टनशिप में इंडिया आईसीसी वर्ल्ड टी-20 (2007), क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011) और आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी (2013) का खिताब हासिल कर चुका है. इसके साथ ही इंडिया 2009 में पहली बार टेस्ट में नंबर वन बना था. महेंद्र सिंह धोनी बांग्लादेश के खिलाफ अपनी पहली सीरीज में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे पर उसके बाद अगली सीरीज में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने पांचवें वनडे मैच में विशाखापट्टनम में 123 गेंदों पर 148 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर सबको अपना फैन बना लिया था.

2008 में महेंद्र सिंह धोनी ने इंडिया क्रिकेट टीम की कैप्टनशिप की जिम्मेदारी संभाली थी. जिस समय धोनी ने टीम की कैप्टनशिप संभाली तो उस समय उनके सामने बहुत सी चुनौतियां थी. धोनी ने उन सभी चुनौतियों का सामना किया और इंडिया क्रिकेट टीम को बहुत सारे ऐतिहासिक पल प्रदान किये. इंडिया ने पहली बार धोनी की कैप्टनशिप नंबर एक बनने का स्वाद चखा. साल 2014 दिसंबर में धोनी ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. इसके बाद साल 2017 की शुरुआत में ही धोनी ने वनडे और टी20 कप्तानी को भी उसी अंदाज में अलविदा बोल दिया जिसके लिए वो मशहूर हैं.

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