छात्रों को नहीं लग रहा हो पढ़ाई में मन माघी पूर्णिमा के दिन करें ये काम, सरस्वती होंगे प्रसन्न

माघी पूर्णिमा का दिन सभी के लिए बहुत ख़ास होता है। इस दिन विणावादिनी माँ सरस्वती का आह्वाहन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। हमारे वेदों में माँ सरस्वती का वर्णन श्वेत वस्त्रा के रूप में किया गया है। माँ सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करके हमें यह ज्ञान देती हैं कि हम परोपकार, प्रेम, करुणा, सहनशीलता, सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलें और काम, क्रोध, मोह, मद, अहंकार आदि दुर्गुणों को पीछे छोड़ दें।

कमल पर भी विराजमान होती हैं माँ सरस्वती:

माँ सरस्वती को श्वेत पुष्प और मोती बहुत पसंद हैं। माँ सरस्वती ने अपने वाहन के रूप में हँस का चुनाव किया हुआ है। कभी-कभी यह कमल पर भी विराजमान होती हैं। माँ सरस्वती अपने चार हाथों में अलग-अलग वस्तुएं लिए रहती हैं। उनके एक हाथ में विणा, दुसरे में पुस्तक और तीसरे में अक्षरमाला होती है। वेदों में इन्हें जलदेवी की भी संज्ञा दी गयी है। इन्हें ज्ञान की देवी भी कहा जाता है।

कमल खुद को बचाकर रखता है कीचड़ से:

माँ सरस्वती को कमल पर बैठे हुए दिखाया गया है। इससे एक सन्देश मिलता है कि कमल हमेशा कीचड़ में ही खिलता है, लेकिन वह खुद को कीचड़ से बचाकर रखता है। इसी तरह हर इंसान को कितनी भी बुराइयों के बीच रहना पड़े पर खुद को बुराइयों से बचाकर रखना चाहिए। माँ सरस्वती की पूजा विद्या और बुद्धि प्राप्त करने के लिए भी की जाती है। इनकी पूजा करने से इंसान के जीवन से अज्ञानता रूपी अन्धकार हमेशा के लिए चला जाता है और ज्ञान का प्रकाश चमकने लगता है।

पूजा करके मुर्ख भी बन सकता है विद्वान:

इनकी पूजा करने वाले व्यक्ति को माँ सरस्वती विद्या, कला, ज्ञान और प्रतिभा का वरदान देती हैं। इनकी पूजा अगर मुर्ख भी करे तो वह विद्वान बन सकता है। सभी कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले माँ सरस्वती की वंदना निश्चित तौर पर की जाती है। माघ पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर माँ सरस्वती की उपासना करने से और उन्हें सफ़ेद पुष्प और खीर का भोग लगाने से बल, बुद्धि, विद्या की प्राप्ति होती है।

हरे तोते का पोस्टर लगाने से लगता है पढ़ाई में मन:

जिनके बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा हो वह किसी भी दिन बाजार से हरे रंग के तोते वाला पोस्टर खरीदकर लायें। उस पोस्टर को उस कमरे में उत्तर दिशा की दीवार पर लगाएं, जिस कमरे में आपका बच्चा पढ़ाई करता है। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से आपके बच्चे का मन पढ़ाई में लगने लगेगा। इसके अलावा आपके बच्चे का दिमाग भी मजबूत होगा और उसकी याददास्त भी बढ़ेगी।

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