स्वास्थ्य

जानिए, क्या होते हैं अश्वगंधा के स्वास्थ्य व सौंदर्य लाभ, कितना ज्यादा असरदार है अश्वगंधा!

आयुर्वेदिक चिकित्सा तकनीक अनगिनत हैं। हालांकि आयुर्वेद को एक प्राचीन कला के रूप में माना जाता है और यह आज भी उपयोग में है। आयुर्वेद में सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा पौधों, जड़ों, पत्तियों, फूलों, आदि का उपयोग कर विभिन्न बीमारियों के लिए दवा बनाना है। आयुर्वेद से लेकर पारंपरिक वैद्यों और आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार, अश्वगंधा सेक्स से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए दुनिया की सर्वोत्तम हर्बल औषधियों में से एक है। Benefits of Ashwagandha.

काम का तनाव –

औसत दिन-प्रतिदिन की दिनचर्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, काम करने के लिए बाहर जाना और आराम करने के लिए घर वापस आना यही रुटीन हो गया है। यह आज के कॉर्पोरेट कर्मचारी के लिए बहुत आम है। अधिकांश समय हम व्यायाम और शारीरिक गतिविधि की उपेक्षा करते हैं जो निम्नलिखित का कारण बनते हैं –

तनाव
शरीर में दर्द
थकान
शक्ति की कमी
ध्यान की कमी

हम सभी को इन आम लक्षणों ने घेर लिया है। आयुर्वेदिक अश्वगंधा जड़ी बूटी इस सबका बहुत ही कारगर समाधान है।

अश्वगंधा क्या है –

Benefits of Ashwagandha

अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पौधा है। सभी ग्रथों में अश्वगंधा के महत्ता के वर्णन को दर्शाया गया है। अश्वगंधा पर रिसर्च की पीढ़ियों के लिए चल रहा है। इसमें मानव रोगों के इलाज की असीम संभावनाएं हैं। ‘अश्वगंधा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘घोड़े की गंध’ है। अपनी विशिष्ट घोडे जैसे गंध की वजह से इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह इस्तेमाल करने वाले को घोड़े जैसी ताकत और हिम्मत देता है। विदानिया कुल की विश्व में 10 तथा भारत में 2 प्रजातियाँ ही पायी जाती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अश्वगंधा की माँग इसके अधिक गुणकारी होने के कारण बढ़ती जा रही है।

हालांकि स्वास्थ्य के मामले में कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, फिर भी अश्वगंधा आपकी स्वस्थ जीवन शैली के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। बॉडी नए तरह के पोषक तत्वों की नई आपूर्ति को एडाप्ट करती है। अश्वगंधा के इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक कि सलाह लेने कि सलाह दी जाती है

 

अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ –

Benefits of Ashwagandha

तनाव से लड़ने के लिए भारत में लोग काफी गंभीर दिख रहे हैं और कई प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन चिंता संबंधी विकारों के लिए अभी भी जानकारी और गंभीरता दोनों की कमी देखी गई है। तनाव और चिंता के साथ जीवन जीना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर कोई आसान उपाय मिल जाए तो इससे बेहतर नहीं हो सकता।

नियमित आधार पर अश्वगंधा का उपयोग करने से आपकी पाचन और सहनशक्ति सहित सभी अन्य भौतिक गुणों वृद्धि होती है। एक मल्टीविटामिन के रूप में अश्वगंधा पाउडर मानव शरीर के लिए ऊर्जा के स्रोत के रुप में जाना जाता है।

अश्वगंधा के कुछ ऐसे लाभ जो आज तक आपको पता नहीं होंगे:

ऊर्जा, मज़बूती, और सहनशक्ति में वृद्धि

उम्र बढ़ने की गति को धीमा कर देता है

स्मृति और मूड को बढ़ा देता है

यौन शक्ति बढ़ जाती है

शरीर में मलेरिया और कैंसर के विकास को नियंत्रित करने के गुण होते हैं

आइये, अश्वगंधा के कुछ विशिष्ट चिकित्सा गुणों पर नजर डालते हैं –

शारीरिक और मानसिक तनाव –

तनाव से लड़ने के लिए भारत में लोग काफी गंभीर दिख रहे हैं और कई प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन चिंता संबंधी विकारों के लिए अभी भी जानकारी और गंभीरता दोनों की कमी देखी गई है। तनाव और चिंता के साथ जीवन जीना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर कोई आसान उपाय मिल जाए तो इससे बेहतर नहीं हो सकता।

शोध बताते हैं कि अश्वगंधा के प्रयोग से दिमाग शांत होता है साथ ही बेवजह की चिंताओं से भी आराम मिलता है। इसका प्रयोग करने से दिमाग में कोर्टिसोल नियंत्रित होता है जोकि तनाव के समय तेजी से बनता है। ये तनाव तो बढ़ाता ही है साथ ही थकान भी हो जाती है।

आरामदायक और अच्छी नींद में सहायक –

अच्छी और भरपूर नींद की आज हर व्यक्ति को जरूरत है। दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद की जरूरत और बढ़ जाती है। अब तो गर्मी भी खूब तगड़ी पड़ रही है जिसमें शरीर को ऊर्जा के लिए भी अच्छी नींद चाहिए। अच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए कितनी जरूरी है, यह तो हम सभी जानते हैं। आज ज्यादातर लोगों की सबसे बड़ी शिकायत भी यही है कि वे अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं। अश्वगंधा का प्रयोग अच्छी नींद प्रदान करता है और आयुर्वेद आपको आराम की चरमसीमा पर ले जाता है।

क्षमता, सहनशक्ति और यौन क्षनता में वृद्धि –

Benefits of Ashwagandha

आज कल यौन बीमारियां युवा वर्ग में तेजी से फैलती जा रही हैं। जिसके सबसे बड़ा कारण है दूषित खान-पान, अनियमित दिनचर्या और स्वयं के द्वारा बचपन में की गई गलत हरकतें। इन सबके कारण युवक-युवतियां असमय ही यौन दुर्बलता के शिकार होते जा रहे है। युवक-युवतियां इस तरह की समस्याओं में डॉक्टर के पास जाने से भी घबराते हैं।  अश्वगंधा के सेवन से सेक्स पावर बढ़ता है। वीर्य की गुणवत्ता भी बढ़ती है और वीर्य ज्यादा मात्रा में बनता है। वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर में मिलाकर रोजाना रात के समय सेवन करना चाहिए।

घातक बीमारियों का इलाज –

प्रतिदिन अश्वगंधा के चूर्ण की एक-एक ग्राम मात्रा तीन बार लेने पर शरीर में हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कणों की संख्या में काफी इजाफा होता है और बालों का कालापन भी बढ़ता है। अश्वगंधा के प्रत्येक 100 ग्राम में 789.4 मिलीग्राम लोहा पाया जाता है। लोहे के साथ ही इसमें पाए जाने वाले मुक्त अमीनो अम्ल इसे एक अच्छा हिमोटिनिक (रक्त में लोहा बढ़ाने वाला) टॉनिक बनाते हैं। कफ तथा वात संबंधी दोषों को दूर करने की शक्ति भी इसमें होती है। थायराइड या अन्य ग्रंथियों की वृद्धि में इसके पत्तों का लेप करने से फायदा होता है। गोखरू के पौधे को पीसकर सूजन वाले स्थान पर लगाने से सूजन दूर होती है और प्रतिदिन दो बार इसके आधे कप काढ़े के सेवन से भूख मर जाती है। इससे मोटापा भी कम होता है। दमा के रोगियों को गोखरू के फल और अंजीर के फल समान मात्रा में लेना चाहिए और दिन में तीन बार लगभग पांच ग्राम मात्रा का सेवन करना चाहिए, दमा ठीक हो जाता है। तो देखा आपने कितने काम की हैं यह वनस्पतियां।

 हमेशा रहें जवां और सुंदर –

अपने चेहरे की सुंदरता और चमक को बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। कोई क्रीम में पैसे बहाता है तो कई लोग मेडिकल ट्रीटमेंट लेने लगते हैं। बढ़ती उम्र, झुर्रियों या उम्र के साथ आने वाले दूसरे असर को हम रोक तो नहीं सकते लेकिन उसे कम जरूर कर सकते हैं। अश्वगंधा उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। ऊर्जा के स्तर में वृद्धि के साथ, आप और अधिक व्यायाम और बीमारी के सभी जोखिम को कम कर सकते हैं।

मधुमेह से बचाव और रक्त सर्कुलेशन बढ़ाता है –

Benefits of Ashwagandha

तनाव के स्तर को कम करते हुए, अश्वगंधा शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है जिससे मधुमेह की संभावना को कम मदद मिलती है। अश्वगंधा बुजुर्ग लोगों के लिए बहुत जरूरी है। शारीरिक गतिविधि और सहनशक्ति में वृद्धि करने और जोड़ों और मांसपेशियों की जरूरत है।

अश्वगंधा के नुकसान –

हालांकि जड़ी बूटी आदमी और दवा के लिए एक बड़ा वरदान है, लेकिन इसके अपने साइड इफेक्ट भी हैं। अश्वगंधा के अधिक प्रयोग के बुरे प्रभाव हैं –

पेट की समस्याएं

अधिक खुराक कृत्रिम तौर पर निद्रावस्था का प्रभाव पैदा कर सकता है

एक शामक के रूप में कार्य कर सकते हैं

रक्तचाप कम करती है

पेट का अल्सर

मधुमेह

गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भान्तक

उच्च रक्तचाप

अश्वगंधा का प्रयोग अच्छा है। लेकिन इससे दुष्प्रभाव पड़ता है। जड़ी बूटी के उपयोग की कोई उम्र सीमा नहीं है। लेकिन इस्तेमाल से पहले आपके शरीर कि क्षमता को जानना आवश्ययक है।

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