अश्वगंधा के फायदे एवं सेवन विधि | जानिये क्या है अश्वगंधा, पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल के फायदे

आयुर्वेद पर लोग कम भरोसा करते हैं क्योंकि इसके सेवन से तुरंत लाभ नहीं मिलता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद आपकी बीमारी को जड़ से खत्म करता है वह भी बिना किसी साइड इफेक्टस के। आयुर्वेद का ही एक चमत्कार है अश्वगंधा जिसके गुणों से आप अनजान होंगे। अश्वगंधा को भारतीय जिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है। (benefits and ayurvedic use of taking ashwagandha and patanjanli ashwagandha capsule in hindi)

क्या है अश्वगंधा (What is Ashwagandha?)

अश्व का अर्थ होता है घोड़ा और गंध- मतलब महक। इसका नाम पड़ने की यह वजह है कि इसकी जड़ों से घोड़े के पसीने की गंध आती है। ये एक मजबूत पौधा होता है जो उच्च तापमान से लेकर कम तापमान में भी जीवित रह सकता है। इसके बहुत सारे फायदे हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसका इस्तेमाल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इस्तेमाल किया जाता है।

अश्वगंधा का इस्तेमाल

अश्वगंधा का इस्तेमाल गठिया, चिंता, नींद ना आने पर किया जाता है। साथ ही ये ट्यूमर, टीबी, अस्थमा, त्वचा पर सफेद दाग, महिलाओं के मासिक धर्म में हो रही समस्या और लिवर रोग जैसी बीमारी में भी फायदा पहुंचाता है।

अगर आपको बहुत ज्यादा मानसिक तनाव रहता है तो भी आप अश्वगंधा (Ashwagandha) का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसका इस्तेमाल सोचने की शक्ति बढ़ाने, सूजन और दर्द कम करने, बांझपन की समस्या और कामेच्छा बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं।

इस का इस्तेमाल त्वचा पर लगे चोट के लिए, पीठ के दर्द के लिए, शरीर में आए लकवे के लिए भी होता है। इससे दिमाग तेज होता है साथ ही यह शरीर की सूजन भी घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अश्वगंधा किन बीमारियों में है फायदेमंद (Ashwagandha benefits in hindi)

  • अश्वगंधा खाने से आप शरीर की सूजन कम कर सकते हैं। साथ ही यह तनाव कम करने के काम आता है। यह दिल की समस्याओं में बहुत लाभदायक है। इसे खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम होती है जो दिल की बीमारी की संभावना को कम करता है।
  • आजकल कैंसर आम बीमारी जैसा हो गया है और यह किसी को भी हो हो सकता है। अश्वगंधा कैंसर के प्रभावों को कम करता है। कीमोथैरेपी के दुष्प्रभाव को भी कम करता है। जांच से इस बात का खुलासा हुआ है कि इसको खाने से एपोप्टोसिस बढ़ता है जो कैंसर कोशिकाओं को भी खत्म करता है। साथ ही यह कैंसर सेल्स को भी नहीं बनने देता है। यह रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज बनाता है जो कैंसर सेल को खत्म करता है।
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  • अश्वगंधा (Ashwagandha) सिर्फ शारीरिक बीमारी को ही नहीं बल्कि मानसिक बीमारी को भी खत्म करता है। यह अवसाद को दूर करने में भी बहुत कारगर है। भागती दौड़ती जिंदगी में अक्सर लोगों को अवसाद यानी डिप्रेशन जैसी बीमारी हो जाती है। भले ही डिप्रेशन आपको आम बात लगे, लेकिन असल में यह एक बहुत भंयकर बीमारी है जो धीरे धीरे इंसान को अंदर से खत्म कर देती है। अश्वगंधा इसी बीमारी को खत्म करता है।
  • ashwagandha ke fayde

  • डिप्रेशन के साथ साथ तनाव को भी खत्म करता है। इसका सेवन करने वालों में तनाव और चिंता कम होती है।
  • चोट या घाव भरने में भी कारगर होता है। इसकी जड़ों को पीस कर पानी के साथ एक पेस्ट बना लें और उसे घाव वाली जगह पर लगाएं आपको बहुत जल्द असर देखने के मिलेगा।
  • यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने के काम आता है। अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो तो बहुत जल्द बीमारी घेरती है। लाल रक्त कोशिकाएं Red blood System पर अच्छा असर करता है।
  • मधुमेह की बीमारी में भी फायदेमंद है। मधुमेह यानी डॉयबटीज के इलाज में भी अश्वगंधा सकारात्मक परिणाम देता है। बहुत सारे मामलों में देखा गया है इसको खाने से ब्लड शुगर का स्तर भी कम करता है।
  • यह थायराइड की बीमारी में भी फायदेमंद होता है। थॉराइड की बीमारी भी एक खतरनाक बीमारी है जिसका इलाज जरुरी है। अश्वगंधा की जड़ों के एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल अगर प्रतिदिन किया जाए तो थॉयराइड हार्मोन में वृद्धि करता है।
  • यह मांसपेशियों की शक्ति में सुधार के लिए भी होता है। यह शरीर की संरचना और ताकत बढ़ाता है। इसके इस्तेमाल से मोतियाबिंद को रोकने में मदद मिलती है।

बाल के लिए फायदेमंद है अश्वगंधा

ashwagandha benefit in hair treatment

अश्वगंधा (Ashwagandha) ना सिर्फ बीमारियों से लड़ता है बल्कि यह बालों के लिए भी फायदेमंद हैं। इसके इस्तेमाल से बालों की जड़ें मजबूत होती है। अश्वगंधा और नारियल तेल के बने टॉनिक को बॉल पर लगाने से बाल मजबूत होते हैं और उनका झड़ना कम होता है। इसको गिलोय में मिलाकर लगाने से सिर की हड्डी मजबूत होती है और बाल संभालने के लिए खोपड़ी मजबूत होती है।अश्वगंधा से नींद अच्छी आती है जिससे तनाव कम होता है और बाल कम झड़ते हैं। इसके इस्तमाल से बालों में मेलानिन की मात्रा भी बढ़ती है।

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कैसे करें अश्वगंधा का सेवन (how to take Ashwagandha)

अश्वगंधा आपको बाजार में आसानी से मिल सकता है। आप चाहें तो पॉउडर के रुप में, गोली के रुप में या ताजा जड़ के रुप में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पानी में अश्वंगधा पाउडर मिलाकर उसकी चाय बना सकते हैं साथ ही इसका सेवन आप गर्म दूध के साथ भी कर सकते हैं।

अश्वगंधा की चाय

इसकी सूखी हुई जड़ के पाउडर के 2 चम्मच लें और उबलते हुए पानी में डालें। 15 मिनट तक उबलने दें। इसे अच्छे से छान लें और रोज थोड़ा थोड़ा पीएं।

अश्वगंधा और घी

अगर आप इसे चाय की तरह नहीं पीना चाहते हैं तो आप इसका इस्तेमाल घी की तरह कर सकते हैं। पहले 2 चम्मच अश्वगंधा को आधा कप घी में भून लें और 1 चम्मच खजूर से बनी चीनीं उसमें मिलाए। इस मिश्रण को फ्रिज में रख दें। रोज 1 चम्मच इस पेस्ट को दूध या पानी के साथ भी ले सकते हैं। आप चाहें तो कैप्सूल के रुप में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे तो इन तरीकों के इस्तेमाल से आप अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं, लेकिन दूध के साथ इसके सेवन पर गजब का परिणाम देखने को मिलता है।

अश्वगंधा (ashwagandha) और दूध के फायदें

  • दूध अपने आप में संपूर्ण भोजन होता है और किसी भी औषधि के साथ दूध का असर शरीर में ज्यादा अच्छा होता है। अश्वगंधा को जब दूध के साथ लेते हैं तो शरीर पर इसका अच्छा परिणाम देखने को मिलता है। आइये आपको बताते हैं दूध और अश्वगंधा के फायदे।
  • अश्वगंधा (Ashwagandha) और दूध का सेवन करने से बांझपन की समस्या दूर होती है. दो ग्राम इसके चुर्ण को दिन में दो बार गर्म दूध के साथ लेना अच्छा होता है।
  • इसको दूध के साथ लेने से शरीर तंदरुस्त बनता है। अगर आपको कमजोरी महसूस होती है तो आपको दूध के साथ अश्वगंधा का इस्तेमाल करना चाहिए। दो ग्राम अश्वगंधा को 125 ग्राम त्रिकाटू पाउडर के साथ लें। त्रिकाटू में सुखी असर्क, काली मिर्च और लंबी मिर्च होती है जिसे दूध के साथ लेने पर जबरदस्त फायदा मिलता है।

  • ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या बहुत गंभीर होती है। इसके लिए दो ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को एक ग्राम मुलैठी को गर्म दूध के साथ लेने से ये समस्या खत्म होती है।
  • अगर बच्चों में कमजोरी महसूस हो रही हो तो इसको दूध में मिलाकर बच्चों को दें। आप चाहें तो इसमें चीनी मिलाकर भी बच्चों को दे सकते हैं।
  • अश्वगंधा का सेवन सिर्फ बीमारी के वक्त ही करना जरुरी नहीं है। आप साधारण तौर पर भी इसका सेवन दूध के साथ कर सकते हैं। रोजाना दिन में दो बार गर्म दूध में इसको मिलाकर आप इसका सेवन कर सकते हैं।

 अश्वगंधा सेवन के नुकसान ( side effects of Ashwagandha in Hindi )

गर्भवती यानी प्रेग्नेंट महिलाओं को इस का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें गर्भ गिराने वाले गुण होते हैं। अगर आप इस के फायदे सुनकर इसका ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं तो ये गलत है। इसका ज्यादा इस्तेमाल आपको दस्त, और पेट खराब कर सकता है।

ज्यादा अश्वगंधा खाने से उलटी हो सकती हा या डॉयरिया जैसी बीमारी हो सकती है। इसका सेवन नींद में भी मददगार है, लेकिन इसका मतलब यह नही है कि आप इसका इस्तेमाल नींद लाने वाली दवाई की तरह करने लगें।

जिन लोगों को ऑटोइम्मयून की समस्या हैं उन्हें अश्वगंधा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह उन दवाईयों के असर को कम करता है जो हमारे शरीर की रोग निरोधक शक्ति बढ़ाती हैं।

अश्वगंधा डॉयबटीज में तो फायदेमंद होता है, लेकिन अगर आप डॉयबटीज की दवा ले रहे हैं तो इस का इस्तेमाल ना करें। इससे आपका ब्लड शुगर सामान्य स्तर से भी नीचे गिर सकता है।

अगर आप बीपी कम करने वाली दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका सेवन ना करें। साथ ही थॉयराइड की समस्या की अगर आप दवा ले रहे हैं तो अश्वगंधा ना लें।

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल (patanjanali Ashwagandha capsule)

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल का प्रयोग इन लक्षणों में किया जाता है

  • इंसान की शारीरिक कमजोरी को दूर कर उसे मजबूत बनाने के लिए
  • शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
  • पुरुषों में यौन सम्बंधित रोग के लिए (यह पुरुषों में यौन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है)
  • अश्वगंधा कैप्सूल के सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होती है
  • शरीर को शक्ति देकर बलशाली बनाता है

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल का इस्तेमाल करने से आपको कई सारे साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं लेकिन ये साइड इफेक्ट्स आपको हमेशा महसूस नहीं होंगे। जब भी आपको साइड इफेक्ट्स महसूस हों तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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