गिलोय के औषधीय गुण, फायदे एवं सेवन करने का सही तरीका

गिलोय के औषधीय गुण: गिलोय को वैज्ञानिक भाषा में Tinospora Cordifolia भी कहा जाता है. यह एक तरह की सजावटी बेल है जिसको मुख्य रूप से जंगलों एवं झाड़ियो वाले इलाकों में पाया जाता है. बहुत से लोग इन्हें घर के बाग़-बगीचों में लगाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. गिलोय के पत्ते पान के पत्तों की तरह ही दिखाई देते हैं लेकिन इनमे कईं सारे ऐसे तत्व मौजूद हैं जो इन्हें एक उत्तम आयुर्वेदिक औषधि बनाते हैं. आज हम आपको गिलोय के औषधीय गुण बताने जा रहे हैं, जिन्हें पढ़ कर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे. आयुर्वेद ग्रंथ में गिलोय को वात विकारों को दूर करने वाली औषधि माना गया है. यदि आप भी पित्त, कफ आदि विकारों से घिरे हुए हैं तो गिलोय के पत्ते आपके लिए रामबाण साबित होंगे.

दरअसल, गिलोय को विभिन्न किस्म के रोगों का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी पत्तियों में भारी मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन और फॉस्फोरस पाया जाता है. यदि गिलोय की बेल को नीम के पेड़ पर चढ़ा दिया जाए तो इसके चमत्कारी प्रभाव देखने को मिलते हैं. गिलोय के तनों में स्तार्र्च की मात्रा हाई होती है जो कईं रोगों के लिए प्रतिरोधक साबित होती है. बहरहाल चलिए जानते हैं गिलोय के औषधीय गुण और इसके चमत्कारी फायदे.

गिलोय के औषधीय गुण

गिलोय के औषधीय गुण

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव दीक्षित जी के अनुसार गिलोय के पौधा बहुत गुणकारी है. क्यूंकि इसके पत्ते, तना एवं जडें तीनो ही कईं तरह की बिमारियों के इलाज में काम आती हैं. गिलोय में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी भारी मात्रा में मौजूद रहते हैं जो कैंसर जैसे रोगों से निजात दिलवाने में हमारी सहायता करते हैं. इसके इलावा यह बुखार, पीलिया, मधुमेह, कब्ज़, बवासीर आदि जैसे रोगों का रामबाण इलाज है. गिलोय का असर सीधा विषाक्त पदार्थों पर पड़ता है और कीटाणुओं को नष्ट करके हमे रोग मुक्त बनाता है.

गिलोय के औषधीय गुण -गिलोय के फायदे

डायबिटिज़

गिलोय के औषधीय गुण

मधुमेह यानि शुगर के लिए गिलोय सबसे उत्तम बेल मानी जाती है. गिलोय में हाइपोग्लाईसेमिक एगेंट मौजूद होते हैं जो कि शुगर लेवल के बढने एवं घटने पर नियंत्रण रखते हैं. इसके लिए आप रोज़ाना दो से तीन चम्मच गिलोय का जूस सुबह पानी में मिला कर खली पेट पी सकते हैं. या फिर इसका चूर्ण भी आप पानी के साथ दिन में दो बार खाना खाने के बाद खा सकते हैं.

डेंगू एवं चिकनगुनिया

मादा एडीज मच्छर के काटने से डेंगू पनपता है. हर साल डेंगू से मरने वालों की संख्या 12,500 तक पहुँच चुकी है. लेकिन आपको बता दें कि गिलोय की बेल डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी घटक बिमारियों के लिए रामबाण है. इसके लिए आप डेंगू होने पर रोज़ाना दो से तीन चम्मच गिलोय के जूस को एक कप पानी में मिलाने के बाद दिन में दो बार खाना खाने के एक से डेढ़ घंटे पहले खा सकते हैं. इससे आपको कुछ ही दिनों में बेहतर नतीजे मिलेंगे.

एनीमिया में राहतकारी

गिलोय के औषधीय गुण

आज के समय में बिगड़ते खान-पान की आदतों के चलते बहुत से लोगों के शरीर में खून की कमी हो जाती है जिसके कारण कईं बार वह एनीमिया से पीड़ित हो जाते हैं. इस रोग की मुख्य शिकार महिलाएं होती हैं और गर्भवती महिला से इसका असर सीधा उनके बच्चे पर पड़ता है. ऐसे में गिलोय का रस एनीमिया की बमारी को दूर करता है. इसके लिए आप दो से तीन चम्मच गिलोय का रस शहद या पानी में मिला कर दिन में दो बार खाने से पहले लें. इससे आपको चमत्कारी प्रभाव देखने को मिलेंगे.