आधी रात को बस से उतरी लड़की, ड्राइवर-कंडक्टर ने पूछा- कोई लेने आएगा, वो बोली- नहीं; और फिर…

वैसे तो महिलाएं कभी सेफ नहीं रही हैं लेकिन आजकल की होने वाली सभी वारदातें बहुत हैरान करने वाली हैं. लड़की चाहे 5 साल की हो या 35 की महिला हो गंदी नजर वाले उसे हमेशा नोचने औक खाने के बारे में ही सोचते हैं. 100 में सिर्फ 25 लोग ही महिलाओं की इज्जत करके उनकी हिफाजत करने के बारे में सोचते हैं वरना आज के दौर में महिलाएं अपने घर में भी सेफ नहीं है. आज देश भर में #MeToo कैंपेन चल रहा है और आम लड़कियों के साथ-साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस भी अपने साथ हुए बुरे व्यवहार की बातें इसमें कर रही हैं. देश में महिलाओं को लेकर छेड़छाड़ और रेप होना आम हो गया है लेकिन इसी बीच मुंबई में वेस्ट बस के एक ड्राइवर और कंडक्टर ने ऐसा काम किया जिसकी तारीफ हर कोई कर रहा है. इनके बारे में जानने के बाद आप भी उन्हें सैल्यूट करेंगे. आधी रात को बस से उतरी लड़की, जब ड्राइवर को पता चला कि वो अकेली है तो उन्होंने उस लड़की के साथ क्या किया.

आधी रात को बस से उतरी लड़की

मुंबई में लड़कियां निडर होकर घूमती हैं, छोटे कपड़ों में घूमती हैं और मस्ती करती हैं लेकिन हर लड़की की इज्जत एक जैसी ही होती है ये बात कुछ लोग समझते हैं. तभी तो मुबई में कुछ दिन पहले एक महिला को एहसास हआ कि मु्ंबई महिलाओं के लिए सेफ शहर है. ऐसा इसलिए साबित हुआ क्योंकि मुंबई में काम कनरे वाली एक लड़की 1.30 बजे वेस्ट बस से गोरेगांव के रॉयल पाम बस स्टॉप पर उतरी और वो जगह बिल्कुल सुनसान थी. लड़की बिल्कुल अकेली थी और थोड़ा घबराई भी थी. इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उससे पूछा कि कोई है उसके साथ या कोई आने वाला है तो उसने कहा नहीं उसे अकेले ही घर जाना है. हालात को समझते बस ड्राइवर और कंडक्टर वहां तक खड़े रहे जब तक उस लड़की को ऑटो नहीं मिल गया और वो चली नहीं गई. बाद में वहां ऑटो आया उन्होंने उस लड़की को उसमें बैठाया और अपने अगले स्टॉप के लिए चल दिए. उनका ये काम तारीफे काबिल-ए-तारीफ था और देश में अगर ऐसे ही लोग और हो जाएं तो छेड़छाड़-रेप जैसी वारदाते खत्म हो जाएं.

सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

आमतौर पर बस वाले उस लड़की को छोड़कर वहां से जा सकते थे क्योंकि उनकी ड्यूटी में ये सब शामिल नही होता है लेकिन इंसानियत के नाते उन्होने उसे ऑटो मिलने तक अकेले नही छो़ड़ा. इस घटना के बाद उस लड़की ने @nautankipanti ट्विटर हैंडल से उस लड़की ने बेस्ट बस 398 के ड्राइवर और कंडक्टर की तारीफ की और लिखा, ”रात 1.30 बजे वो सूनसान सड़क पर अकेली थी, उन्होंने मुझे ऑटो मिलने के बाद ही वहा अकेला छोड़ा. उन लोगों ने मुझसे पूछा – क्या आपको कोई लेने आ रहा है. जब मैंने कहा नहीं तो उन लोगों ने बस को रोककर रखा जब तक मुझे ऑटो नहीं मिल जाता. इसके बाद वे लोग मुझे बैठाकर चले गए. यही वदह है कि मैं मुंबई से प्यार करती हूं.