दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश के समुद्र में मिला यह प्राचीन हिन्दू मंदिर

यह दुनिया बहुत बड़ी यह, यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है। यह दुनिया विविधता से भरी हुई है। इस दुनिया में सैकड़ों देश हैं और हर देश की अपनी एक अलग खासियत है। हर देश किसी ना किसी चीज के लिए जाना जाता है। हालाँकि इनमें से कुछ देश ऐसे भी हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वो देश किसी काम के नहीं हैं। इस दुनिया में कई धर्म और जाती के लोग रहते हैं। कुछ देश ऐसे हैं जो किसी खास धर्म के लोगों के लिए जाना जाता है।

बाली में स्थित हैं सबसे ज्यादा और अनोखे मंदिर:

इन्ही में से एक है इंडोनेशिया जिसे सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश के रूप में जाना जाता है। लेकिन यहीं के बाली आइलैंड में लगभग 90 प्रतिशत हिन्दू आबादी रहती है। ऐसा कहा जाता है कि 13वीं और 16वीं सदी में मुस्लिमों के आने से पहले यहाँ ज्यादातर हिन्दू ही रहा करते थे। यहाँ जावा में एक से बढ़कर एक हिन्दू मंदिर देखने को मिल जायेंगे। इसके साथ ही बाकी के आइलैंड पर भी वैसे ही मंदिर देखने को मिल जायेंगे। बाली सबसे ज्यादा और अनोखे मंदिरों के लिए प्रसिद्द है।

मंदिर को लेकर किये गए सभी दावे निकले झूठ:

यहाँ पर पानी के अन्दर भगवान् विष्णु का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर नार्थ-वेस्ट बाली के पेनुतेरान बीच में समुद्र के तल से 90 फीट नीचे स्थित है। कई शोधों के अनुसार यह दावा किया जा रहा है कि यह मंदिर लगभग 5000 हजार साल पुराना है। इस मंदिर की स्थिति यह बताती है कि पहले यहाँ जमीन हुआ करती थी, लेकिन समुद्र का स्तर बहुत जल्दी बढ़ गया। हालाँकि कई ऑनलाइन शोधों में यह भी कहा गया कि मंदिर को लेकर किये गए पहले के सभी दावे बिलकुल झूठे हैं।

कुछ चैनलों ने दिखानी शुरू कर दी झूठी ख़बरें:

असल में यह मंदिर हाल ही में एक आर्टिफिसियल रीफ क्रिएशन प्रोजेक्ट का हिस्सा था। समुद्र के तल पर सीधे स्ट्रक्चर खड़े करके यह मरीन हैबिटेट बनाया गया था। इस मंदिर के कंस्ट्रक्शन के लिए एक ऑस्ट्रेलियन एजेंसी की तरफ से फंडिंग की गयी थी। इस ग्रुप ने इस मंदिर को तमन पुरा या टेम्पल गार्डन का नाम दिया था। देश की राजधानी जकार्ता के कुछ इन्टरनेट पोर्टल्स और टीवी चैनल ने इस अद्भुत साईट के बारे में ख़बरें दिखानी शुरू कर दी। केवल यही नहीं इस जगह को प्राचीन मंदिर के खंडहर होने का भी दावा किया जाने लगा।

पानी के नीचे मौजूद हैं हिन्दू और बौद्ध धर्म की मूर्तियाँ:

जब इसके बारे में इन्डोनेशियन मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर एंड टूरिज्म को जानकारी हुई तो उन्होंने एक्वेटिक आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर सूर्या हेल्मी से इसके बारे में बात की। जब सब बातें साफ़ हो गयी तो उन्होंने जानकारी पब्लिश करवाकर इस अफवाह को दूर करने की कोशिश की। पहली साईट पर समुद्र की सतह पर दर्जनों संख्या में बड़े पत्तर की मूर्तियाँ बनी हैं। साथ ही 4 मीटर लम्बा गेटवे भी है। इससे भी ज्यादा मूर्तियाँ 15 मीटर दूर दूसरी साईट पर मौजूद हैं। यहाँ टूरिस्ट प्राचीन नजारों के साथ डाइविंग का मजा लेने के लिए जाते हैं। आपको बता दें पानी के नीचे हिन्दू और बौद्ध धर्म की कई मूर्तियाँ स्थित हैं।

 

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