इस वजह से अंगुली में हीरे जड़वा रही हैं लड़कियां, बन चुका है नया ट्रेंड

भारतीय संस्कृति में गहनो का चलन बहुत पहले से चला रहा है .. प्राचीन काल में स्री और पुरूष दोनों ही श्रंगार के लिए तरह-तरह के आभूषण पहनते थें.. समय के साथ मानव सभ्यता में बहुत से परिवर्तन आए .. रहन सहन सब कुछ पूरी तरह से बदल गया पर आभषूष पहनने का चलन नहीं बदला.. हां समय-समय पर गहनों के डिजाईन और पहनने के तरीके में जरूर बदलाव आया, पर इसमें भी अधिकांश ट्रेंड कई बार दुहराए गए।

ज्वैलरी को लेकर एक ऐसा ही ट्रेंड कई बार दुहराया जा चुका है वो है.. पियर्सिंग का फैशन .. पहले के जमाने में जहां लोग परम्परा के तौर पर नाक, कान छिदवाते थें हीं अब लोग फैशन के लिए नाक,कान के साथ आखों और नाभि में पियर्सिंग करवा रहे हैं। पर इससे भी आगे अब तो लोगों के बीच इंगेजमेंट रिंग पियर्सिंग भी बड़ी तेजी से फेमस हो रहा है। दरअसल बहुत से कपल्स अपनी इंगेजमेंट रिंग अपनी उंगलियों में जड़वा रहे हैं। आज हम आपको इसी नए ट्रेंड के बारे में बताने जा रहे हैं।

पार्टनर के प्रति कमिटमेंट जताने का नया तरीका

दरअसल ये आज के समय में अपने पार्टनर के प्रति प्यार जताने का यह एक नया और अनोखा तरीका साबित हो रहा है। असल में पार्टनर के प्रति कमिटेड लाइफ के प्रतीक के तौर पर पहने जाने वाली इंगेजमेंट रिंग की जगह अब रिंग पियर्सिंग का चलन है .. अब लोग अपनी इंगेजमेंट रिंग पहनने के बजाए अपने उंगली में रिंग पियर्सिंग करवा रहे हैं । माना जा रहा है कि ये एक दूसरे के प्रति आपसी विश्वास को ज्यादा मजबूती से व्यक्त करता है। ऐसे में रिंग पियर्सिंग में तकलीफ तो होती ही है पर बाद में जब आप रिंग हटाते हैं तो आपकी उंगली में उसका दाग रह जाता है और आप चाहकर भी अपनी रिलेशनशिप से पूरी तरह से अलग नहीं हो सकते। इस तरह ये कमिटमेंट के आश्वासन की तरह है।

रिंग खोने का डर भी खत्म हो जाता है

आमतौर सभी को रिंग पहनने का शौक होता है पर रिंग के खोने के डर से कई लोग रिंग नहीं पहनते हैं और ऐसे लोगों के लिए रिंग पियर्सिंग बेहतर विकल्प है । ऐसे लोग रिंग पियर्सिंग करा सकते हैं। इसके लिए 2 पीस ज्वैलरी के मेटल वाले फ्लैट हिस्से को स्किन की सतह में घुसाया जाता है। ऐसे में हीरे और महंगी धातुओं की अंगूठियां पहनने वाली लड़कियां विशेष तौर पर इस तरीके को इस्तेमाल में ला रही हैं। इससे उनके रिंग खोने का डर भी खत्म हो जाता है। एक रिपोर्ट की माने तो एक ब्रिटिश कपल तकरीबन एक लाख रूपए की इंगेजमेंट रिंग पहनता है.. ऐसे में अगर वो रिंग पियर्सिंग करवाता है तो इससे कीमती रिंग के खोने का डर खत्म होता है। वहीं इससे आपका प्यार भी प्रगाढ़ होता है।

आज फैशन के रूप में भले ही ये चलन तेजी से प्रचलित हो रहा है, पर त्वचा विशेषज्ञों की माने तो रिंग पियर्सिंग स्किन के लिए सही नहीं है।रिंग पियर्सिंग के बारे मे त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि स्किन पर किए जाने वाले ये छेद बिना अंगों को सुन्न कराए ही किए जाते हैं, ऐसे में इससे तुरंत तो तकलीफ होती ही है साथ ही इससे त्वचा से सम्बंधित एलर्जी भी हो सकती है। साथ ही एक बार पियर्सिंग हो जाने के बाद इसे हटवाना भी मुश्किल होता है.. और ये स्किन पर हमेशा के लिए दाग भी छोड़ता है।ऐसे में त्वचा के लिए ये कहीं से भी सही नहीं है।