OMG: इस महिला की आंख से एक के बाद एक निकले ऐसी चीज़ें की डॉक्टर भी रह गए दंग, आप भी ध्यान दें

महिला की आंख में कीड़ा: दुनिया में न जाने कितनी ऐसी घटनाएं होती है, जिसे जानकर या सुनकर हम यकीन नहीं कर पाते हैं, पर हकीकत तो हकीकत ही होता है न? जी हां, आज हम आपको ऐसी ही एक अजीब घटना से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसे पढ़ने के बाद शायद आपको भी यकीन न आएं, लेकिन इसके पीछे के तर्क और स्टोरी आपको यकीन करने के लिए मजबूर कर देंगी। तो आइये जानते हैं कि आखिर स्टोरी में ऐसा क्या खास है? दरअसल, आज हम आपको एक ऐसी महिला से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसकी महिला की आंख में कीड़ा निकलने लगी , जिसे देखकर डॉक्टर्स भी हैरान हो गये थे। बता दें कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ये कीड़े अभी तक सिर्फ जानवरों के अंदर ही पाएं जाते थे, लेकिन इस महिला की आंखों से निकलने लगे थे।

अमेरिका के ओरेगोन में एक महिला की आंख में कीड़ा निकली, जिसकी वजह से सबके होश उड़ गये। पूरे विश्व में यह पहली घटना है, जिसमें जानवरो में पाए जाने वाले संक्रमण मनुष्य में देखने को मिला। अमेरिका के रिसर्च सेंटर ने कहा कि ये थेलाजिया गुलोसा प्रजाति के परजीवी कीट से मनुष्यों में फैलने वाला ये संक्रमण पहली बार देखा गया। दरअसल, 2016 में महिला की बाई आंख में जलन हुई, तब से ही इसके आंख में संक्रमण फैलना शुरू हो गया था। महिला का नाम एबी है।

कहां पाएं जाते हैं ये संक्रमण

दरअसल, ये संक्रमण अमेरिका और कनाडा में पाएं जाते  हैं। ऐसे में अब यहां कई मामले भी सामने आने लगे हैं, जिसकी वजह से वैज्ञानिको ने इस पर रिसर्च का काम काफी तेज कर दिया है। आपको बता दें कि थेलाजिया गुलोसा नामक संक्रमण से अब तक 15 लोग प्रभावित हो चुके हैं। वैज्ञानिकों ने ये भी बताया कि ये कीड़े मक्खियों के द्वारा फैलते हैं। साथ ही ये ऐसे कीड़े होते हैं, जो आंसुओं के जरिये अपना भोजन ग्रहण करते हैं, यही वजह है कि ये आंखों में घूसते हैं।

महिला में कहां से आएं ये कीड़े

एबी ने कहा कि वो एक दिन मवेशियों के इलाके में गई थी, जहां उसकी आंखों पर एक मक्खी बैठ गई थी, तभी से संक्रमण फैल गया। जी हां, ऐसे में महिला की हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो गई थी।

जब वैज्ञानिकों ने एबी के आंखों में पाएं जाने कीड़ो पर रिसर्च किया तो सामने आया कि ये वे कीड़े है जो गाय भैंसो में पाएं जाते हैं। इस कीड़े का नाम थेलाजिया गुलोसा है। हालांकि, वैज्ञानिक अभी इस पर और भी ज्यादा रिसर्च कर रहे हैं। साथ ही इस बात की भी पूरी कोशिश की जा रही है कि इसे फैलने से रोका जा सके।

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