मानव जीवन पर खगोलीय घटनाओं का काफी हद तक प्रभाव पड़ता है ऐसे में ज्योतिष शास्त्र ग्रहण की पूर्व घोषणा के साथ इसके प्रभाव के बारे में भी बताता है। इस साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 31 जनवरी पर पड़ रहा है जिसे कोई सुपर मून कह रहा है तो कोई ब्लू मून, तो कोई ब्लडी मून कह रहा है.. दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि ये ग्रहण अलग- अलग जगहो पर तीन रंगों में दिखाई देगा। ज्योतिष की माने तो साल का ये पहला चंद्र ग्रहण काफी प्रभावी है और इसका असर  पूरे 108 दिनों तक रहने वाला है । साथ ही ज्योतिष के जानकार इस ग्रहण को अशुभ भी मान रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप इस ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं।

सबसे पहले आपको बता दें कि 31 जनवरी को लगने वाला ये पूर्ण चंद्रग्रहण 77 मिनट तक रहेगा.. जो कि शाम 5.58 मिनट से शुरू होकर रात 8.41 तक चलेगा। ज्योतिष के अनुसार इस चंद्रग्रहण का प्रभाव  हर राशि पर अलग-अलग रहने वाला है। वैसे सबसे ज्यादा किसी भी ग्रहण का प्रभाव गर्भवती स्त्रियों पर होता है और साल के इस पहले ग्रहण को तो और भी अशुभ  माना जा रहा है ऐसे में इसके नकारात्मक प्रभाव से बचाव करना बेहद जरूरी है।  दरअसल ज्योतिष की माने तो ग्रहण का असर गर्भवती स्त्री के होने वाले बच्चे पर हो सकता है। ऐसे में इससे बचने के लिए प्रेग्नेंट  महिलाओं को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे कि ..

ग्रहण के दौरान किसी भी गर्भवती महिला , बुजुर्ग और रोगी को को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। खुले आकाश में  तो बिल्कुल भी नहीं निकलना चाहिए।

ज्योतिष की माने तो ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं को किसी नुकीली चीज को हाथ नहीं लगाना चाहिए। साथ ही ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और ना ही कुछ काटना चाहिए।

इसके अलावा ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिला को सूई-धागे का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

वहीं इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ग्रहण के वक्त कुछ भी खांए-पिए नहीं.. इससे पहले या बाद में ही खाना पीना करें। इसके साथ ही किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा भी ना करें.. यही वजह है कि ग्रहण के दौरान मंदिर के द्वार भी बंद कर दिए जाते हैं।

वहीं अगर बात करें तो इस दौरान क्या करना चाहिए तो ज्योतिष की माने तो ग्रहण काल में लोगों ईश्वर का ध्यान करना चाहिए और अच्छी किताब पढ़नी चाहिए..  साथ ही ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए इसके शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद दान-दक्षिणा करनी चाहिए। इसलिए ग्रहण के बाद गरीबों को आटा, चावल, चीनी, दाल आदि दें।।इसके साथ ही ग्रहण के दौरान अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए.. इससे आपके कष्ट दूर होंगे और ग्रहण आपके लिए हितकारी होगा। ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए आप दुर्गा चालीसा या श्रीमदभागवत गीता आदि का पाठ भी कर सकते हैं।

वहीं जो लोग शनि के साढ़े-साती से परेशान हो वो शनि मंत्र का जाप करें या फिर हनुमान चालीसा पढ़ें.. साथ ही लोगों ग्रहण काल में शिवलिंग के सामने मंत्र जाप करना भी हितकारी होता है।इस तरह ग्रहण के समय को बिताने के बाद ग्रहण काल के बाद स्नान करके भगवान की पूजा-अराधना करनी चाहिए

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