अमेरिका ने पाकिस्तान में शुरु किया बम बरसाना, पाक के इस हिस्से को मिटाने की है तैयारी

पाकिस्तान खैरात यानी कि अमेरिका और दूसरे देशों से मिलने वाले पैसे से क्या करता है, इसकी सच्चाई पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा जानता है, क्योंकि उसकी आदत है कि जिस थाली में खाता उसी में छेद करता है। ऐसा ही कुछ पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ किया। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के नाम पर करोड़ो की मदद दी। लेकिन पाकिस्तान उस पैसे से आतंकवाद को खत्म करने की जगह आतंकवाद को पालता पोसता रहा, और जब पाकिस्तान की चोरी पकड़ी गई और अमेरिका ने उसकी खैरात का खाता बंद कर दिया। इतना ही नहीं अब अमेरिका ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों को मारना शुरु कर दिया है। जी हां ये ख़बर अब तक सामने नहीं आई थी। लेकिन बीते दिनों पाकिस्तान से नाराज अमेरिका ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी है। 24 जनवरी को हुई कार्रवाई में अमेरिकी बमवर्षक ड्रोन्स ने आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क पर बमबारी की है।

दरअसल पाकिस्तान का रोम रोम खैरात के पैसो पर टिका है, फिर चाहे आजादी के वक्त भारत से मिली खैरात हो। या फिर वक्त-वक्त पर अमेरिका से मिली भीख, जिसके बल पर खड़ा हुआ पाकिस्तान उसी अमेरिका को आंख दिखाने लगा । हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है, कि वो अमेरिका की मदद के बिना भी जिंदा रह सकता है। ऐसे में उसके ऊपर आतंक को पालने की तोहमत अमेरिका लगाना बंद करे। जिसके बाद भड़के अमेरिका ने हमला करना शुरु कर दिया। पहला ड्रोन हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाके शानकिले में हुआ है।  इससे पहले किए गए हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ था। इससे पहले 17 जनवरी को अफगानिस्तान में भी हवाई हमला किया गया था, जिसमें कई आतंकी मारे गए थे। जिस जगह पर हमला हुआ वो पाकिस्तान की सीमा के काफी नजदीक है।

एक अंतराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी के मुताबिक ड्रोन हमले में हक्कानी नेटवर्क के तीन कमांडरों की मौत हो गई है। अमेरिका लगातार पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर ड्रोन हमले कर रहा है। बताया जा रहा है कि ड्रोन से दो मिसाइल आतंकी ठिकानों पर दागी गई थीं जिसमें कमांडर अहसन अका खोरे मारा गया है।

आपको बता दें कि 2018 में अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान के आतंकी हमलों पर दूसरा ड्रोन अटैक है। इससे पहले 17 जनवरी को भी पाक-अफगान बॉर्डर पर हमला किया गया था। जिसमें एक आतंकी मारा गया था। आपको याद दिला दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई अफगान नीति की घोषणा के बाद आतंकियों पर कार्रवाई लगातार जारी है।

एक तरफ जहां अमेरिका खुद आगे बढ़कर अब कार्रवाई कर रहा है, ऐसे में पाकिस्तान पर दोहरी मार पड़ रही है। क्योंकि आतंकियों पर कार्रवाई के साथ साथ अमेरिका ने पाकिस्तान को पैसा देना भी बंद कर दिया है।

अमेरिका की सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलवमेंट की रिपोर्ट की मानें तो 1951 से लेकर 2011 तक अमेरिका ने पाकिस्तान को 67 बिलियन यूएस डॉलर की मदद दी है। यानी के अमेरिका ने पाकिस्तान की आतंक से लड़ने के लिए दोनों हाथों से मदद की, लेकिन बदले में पाकिस्तान ने क्या किया ये पूरी दुनिया जानती है।

दरअसल पाकिस्तान आस्तीन में छिपा हुआ वो सांप है। जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहचान लिया है। साथ ही एक झटके में पाकिस्तान को मिलने वाली खैरात का खाता बंद कर दिया, जिसके बाद अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।  क्योंकि सच यही है कि पाकिस्तान खैरात के बिना जिंदा रह ही नहीं सकता है।

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