माँ की लाश के पास घंटो रोता रहा ये बंदर, जब नहीं उठी माँ तो बन्दर का हाल देख सब की आँखें हुई नम

कर्नाटक: माँ और बच्चे का रिश्ता बाकी सभी रिश्तों से बढ़ कर होता है. जैसे एक माँ के लिए उसका बच्चा उसकी आँखों का तारा होता है, वैसे ही एक बच्चे के लिए उसकी माँ ही उसका सब कुछ होती है. भले इंसान हो या फिर जानवर, सभी मादा में बच्चों के लिए एक समान ममता होती है. अभी हाल ही में तमिलनाडु के कर्नाटक से एक दिल देहला देने वाला मामला सामने आया है. जहाँ, राजमार्ग के एक सड़क हादसे में एक बन्दर की माँ ने अपने प्राण त्याग दीये. ऐसा मंजर आपने कभी नही देगा होगा. अपनी माँ की लाश देख कर उसका बच्चा वहां बैठ कर घंटो रोता रहा. बन्दर का दर्द और उसके आंसू गुजरने वाले लोगों की आँखें भी नम होगी. एक बच्चे का पागलपन की हद तक रोना शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा. बहरहाल, चलिए जनते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या था…

एक अंग्रेजी वेबसाइट में मिली जानकारी के अनुसार ये हादसा कर्नाटक के एलनुर का है. जहाँ एक मादा बन्दर को किसी गाडी ने बीच सड़क में टक्कर मार दी. जिसके बाद उसका नन्हा बच्चा अपनी माँ को धुन्दता हुआ वहां आ पहुंचा और माँ के जिस्म को टटोलने लग गया. आस पास के लोगों के अनुसार उस बन्दर ने अपनी माँ को काफी बार जगाने की कोशिश भी की. लेकिन, वह नहीं उठी. अपनी माँ को यूँ बेबस सड़क पर पड़ा देख कर बन्दर जोर जोर से रोने लग गया. उस मासूम के आंसू देख आस पास के सभी लोग रो पड़े. ऐसा मंजर शायद किसी ने पहले कभी नहीं देखा होगा. लेकिन, एक बात तो तह थी कि इंसानों से भी कहीं अधिक जानवर एक दुसरे के लिए वफादार होते हैं. शायद इसी लिए अपने को जाता देख वह खुद के आंसू भी रोक नहीं पाते. उस नन्हे बन्दर की चींखे पूरा आसमान सुन रहा था लेकिन कोई कुछ नहीं कर पा रहा था.

नन्हे बंदर की इस झकझोर देने वाली तस्वीर को देखकर हर कोई स्तब्ध था, उसने काफी देर तक अपनी मां को उठाने की कोशिश की, क्योंकि शायद उसे यह अंदाजा नहीं था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही. उसने अपने कान अपनी मां के सीने पर रखकर उसकी धड़कन महसूस करने की कोशिश की. मामले की जानकारी मिलते ही इलाके की पुलिस वहां पहुँच गयी और उस नन्हे बंदर को उसकी माँ के सीने से अलग कर दया. जिसके बाद वह लाश को दफ़नाने के लिए निकल पड़े. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अपनी माँ को अजनबियों के हाथों देख वह नन्हा बन्दर दूर तक अपनी माँ का पीछा करता रहा.

केवल इतना ही नहीं बल्कि माँ के जाने के सदमे से बन्दर इतना टूट गया कि वह बीमार पड़ गया. शायद उस नन्हे बंदर को अपने दर्द से राहत नहीं मिल पायी इसीलिए वह बीमरी से लड़ रहा है. लोगों का कहना है कि एक इंसान की तरह ही उस बंदर ने भी अपनी माँ के जाने के दर्द को सहा है

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published.