आपके घर पर तंत्र-मन्त्र और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव है तो बचाव के लिए बुधवार को करें ये काम

अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो दूसरों की खुशियों से काफी जलते हैं। उन्हें दूसरों की खुशियाँ और तरक्की बिलकुल भी पसंद नहीं होती है। वह उनकी खुशियों को ख़त्म करने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेते हैं। इस वजह से उन्हें घर पर बुरी शक्तियों और नकारात्मक उर्जा का पहरा हो जाता है। ऐसा हो जाने के बाद व्यक्ति के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है। हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। wednesday for prosperity.

गणेश जी की पूजा का दिन है बुधवार:

किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इन्हें स्वयं रिद्धि-सिद्धि का दाता कहा जाता है। भगवान गणेश अपने भक्तों की बाधा, संकट, रोग-दोष एवं दरिद्रता को दूर करते हैं। सभी हिन्दू देवताओं की पूजा से पहले भगवान गणेश की पूजा का प्रावधान है। शास्त्रों में वर्णित है कि गणेश जी की पूजा का विशेष दिन बुधवार को होता है। अगर आप भी जीवन में कई तरह की परेशानियों से घिरे हुए हैं और सुख-शांति पाना चाहते हैं तो इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

ॐ श्रीम गम सौभाग्य गणपतये वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥

इस मन्त्र के पाठ के अलावा आप जीवन में सुख-शांति एवं धन-दौलत पाने के लिए बुधवार के दिन यह काम भी कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके जीवन में खुशियों के द्वार खुल जायेंगे और चारो तरफ से केवल खुशियाँ ही खुशियाँ आएँगी।

 

बुधवार को करें ये काम:

*- अगर आपके घर के ऊपर तंत्र शक्ति या बुरी शक्तियों का पहरा है तो बुधवार के दिन सफ़ेद रंग के गणपति की घर में स्थापना करें। इससे सभी बुरी शक्तियों का नाश होगा।

*- अगर गरीबी की समस्या से परेशान हैं तो बुधवार के दिन भगवान गणेश को गुड़ और घी का भोग लगाएं। थोड़े समय बाद गुड़ और घी गाय को खिला दें। ऐसा करने से बहुत जल्द ही आपकी धन की समस्या दूर हो जाएगी।

*- अगर घर में काफी झगड़े हो रहे हैं, जिसकी वजह से अशांति बनी हुई है तो बुधवार के दिन घर में दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इस मूर्ति को अपने घर के मंदिर में रख दें और हर रोज उसकी पूजा करें।

*- घर के मुख्य दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र लगवाने से घर में सुख-समृद्धि का द्वार खुल जाता है। ऐसा करने से घर के अन्दर नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश भी रुक जाता है।