अध्यात्म

महीने की किस तारीख और किस वार को करना चाहिए बच्चे का नामकरण? जानिए इससे जुड़े नियम

नाम किसी भी व्यक्ति की पहचान होती है। ये नाम उसके पैदा होने से लेकर मरने के बाद तक उसकी पहचान बनकर रहता है। हिन्दू धर्म में यूं ही मन से नाम नहीं रखे जाते हैं। इसके पीछे एक प्रापर ज्योतिष प्रक्रिया होती है। इसे नामकरण संस्कार भी कहा जाता है। अब ये नामकरण संस्कार आपको कब, कैसे और किस तरीके से करना चाहिए इसे लेकर हमारे हिंदू धर्म शास्त्रों में काफी कुछ बातया गया है। ऐसे में आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

कब नामकरण नहीं करना चाहिए?

हिन्दू धर्म के शास्त्रों के अनुसार हमे पर्व तिथि चतुर्दशी, अष्टमी, अमावस्या, पूर्णिमा, रिक्ता तिथि चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी तिथियों में नामकरण करने से हर हाल में बचना चाहिए।

नामकरण करने की शुभ तिथि

ऊपर बताई गई तिथियों को छोड़ दिया जाए तो 1, 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13 तारीख को बच्चों का नामकरण करना शुभ माना जाता है। यदि इन तारीखों में ऊपर बताई गई तिथियां पड़ रही है तो तब इन तारीखों में भी नामकरण नहीं करना चाहिए।

नामकरण का शुभ दिन

चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र शुभ ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में इन ग्रहों के वारों में ही बच्चे का नामकरण करना चाहिए। इसमें भी यदि आप बच्चे के जन्म से 11वें या 12वें दिन उसका नामकरण करते हैं तो वह बहुत शुभ रहता है।

नामकरण के अन्य नियम

1. नक्षत्रों के चरण के मुताबिक जो भी नाम का अक्षर निकले उसी के आधार पर बच्चे का नाम रखना चाहिए। इसके साथ ही कुल के देवी-देवता के नाम के ऊपर बच्चों का नाम रखना भी शुभ माना जाता है।

2. बच्चों के नाम दो, चार या छह अक्षर के रखना श्रेष्ठ माना जाता है। जिन्हें अपने बच्चों के लिए यश एवं मान-प्रतिष्ठा चाहिए उन्हें दो अक्षर का नाम रखना चाहिए। वहीं ब्रह्मचर्य तप-पुष्टि की इच्छा रखने वालों को बच्चों के नाम चार अक्षर के रखने चाहिए।

3. यदि आप लड़के का नामकरण कर रहे हैं तो विषम अक्षर जैसे 3, 5, 7 अक्षर वाला नाम न रखें। वहीं लड़कियों का नाम 3, 5 जैसे विषम अक्षरों पर रखना शुभ होता है। कन्या के नाम कोमल, श्रुतिमधुर, मनोहर, मांगलिक एवं धार्मिक हो तो और भी शुभ माना जाता है।

4. नक्षत्र, नदी, वृक्ष, पक्षी, सर्प, सेवक संबंधी और भयंकर नाम रखने से बचना चाहिए।

5. नाम ऐसे रखें जो बोलने में सौम्य, मधुर, कोमल हो। यह नियम घर परिवार में बोले जाने वाले नामों पर भी लागू होते हैं।

आशा करते हैं कि आपको हमारे नामकरण करने से संबंधित ये जानकारी पसंद आई होगी। यदि हां तो इसे दूसरों के साथ भी शेयर करें।

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