बॉलीवुड

बॉलीवुड के बाद TV इंडस्ट्री काला चेहरा आया सामने, FIR फेम कविता कौशिक ने उजागर किया बहुत कुछ

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के सुसाइड केस के बाद से मनोरंजन जगत में एक अलग बहस छिड़ गई है. इसमें नेपोटिज्म, बॉलीवुड की गुटबाजी, और बड़े बड़े प्रोडक्शन हाउस द्वारा बनाया जाने वाला दबाव या भेदभाव जैसी चीजें शामिल है. अब इसी कड़ी में टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक भी शामिल हो गई है. कविता साल 2001 से अभिनय कर रही है. अपने करियर में उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज में काम किया. हालाँकि उनके फैन उन्हें सब टीवी के पॉपुलर कॉमेडी शो ‘ FIR’ की हरयाणवी कॉप चंद्रमुखी चौटाला (Chandramukhi Chautala) के रूप में जानते हैं.

हाल ही में कविता ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर कुछ ट्वीट किए जिसके बाद वे सुर्ख़ियों का हिस्सा बन गई. ये बात किसी से छिपी नहीं है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कुछ लोग ‘मूवी माफिया’ की तरह होते हैं जो अपने फायदे या जलन के चलते लोगों का करियर तक बर्बाद कर देते हैं. कविता ने इसी बारे में अपना तब का अनुभव साझा किया जब वे चैनल के साथ FIR शो कर रही थी.

मिली ऐसी धमकियां

कविता ने ट्वीटर पर लिखा कि – कल मुझे याद दिलाया गया कि यदि मैं कहीं भी हरयाणवी पुलिसवाली का रोल करती हूँ तो मुझे पर केस ठोक दिया जाएगा. जबकि शो को ख़त्म हुए 5 साल हो चुके हैं. लोग शो को पुनः लाने की मांग कर रहे हैं लेकिन चैनल ध्यान नहीं दे रहा. और आप लोग मूवी माफिया की बात करते हैं. क्यूट!

हरयाणवी पुलिसवाली का आईडिया मेरा था

कविता अगली ट्वीट में लिखती है – मुझे इस बात का पता तब चला जब मैंने बताया कि मैं एक पंजाबी फिल्म करने की तैयारी कर रही हूं, जो कि एक हरियाणवी पुलिसवाली और पंजाबी पुलिसवाले की रोमकॉम (रोमांटिक कॉमेडी) होगी. ‘तुम्हें उसके पैसे मिले थे’ मुझ से कहा गया. फिर मैंने उन्हें याद दिलाया कि चंद्रमुखी को हरयाणवी पुलिसवाली बनाने का आईडिया मेरा था जबकि वे लोग मराठी पुलिसवाली पर काम कर रहे थे.


कविता के इस ट्वीट पर एक्टर वृजेश हिरजे (Vrajesh Hirjee) कमेंट कर कहते हैं कि ‘ये सब बकवास है. कोर्ट में ये सब बातें नहीं टिक पाएंगी. फिर भले ही तुमने उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया हो.’

सिर्फ नेपोटिज्म ही समस्या नहीं

एक अन्य ट्वीट में कविता लिखती है – सिर्फ नेपोटिज्म ही प्रॉब्लम नहीं जिसे एक्टर्स को झेलना पड़ता है. चैनल और प्रोड्यूसर्स तो रॉयलटी के मजे लेते हैं, लेकिन प्रोडक्ट्स तो एक्टर्स और तकनीशियन मिलकर अपनी मेहनत से बनाते हैं. इन्हें कॉन्ट्रैक्ट के जाल में फंसा तंग किया जाता है. स्टार किड्स पर अटैक करने की बजाए असली बुरे लोगों से लड़ें.


बता दें कि FIR सब टीवी पर 2006 से 2015 तक एयर हुआ था. कविता शुरुआत से इसका हिस्सा थी लेकिन 2013 में उन्होंने शो छोड़ दिया था. इसके बाद चितार्शी रावत को उने रिप्लेस किया गया था.

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