ब्रेकिंग न्यूज़

इंदौर: डॉक्टर पर हमले वाली घटना से शर्मसार मुस्लिम समुदाय, अख़बार में विज्ञापन छपवा मांगी माफ़ी

कोरोना वायरस से छिड़ी जंग में इंसान को जिताने के लिए हमारे डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ के लोग दिन रात लगे हुए हैं. दुनियाभर में इनके काम और मेहनत की सराहना की जा रही हैं. इस बीच बीते दिनों इंदौर शहर में मेडिकल टीम पर हुआ हमला काफी शर्मनाक वाक्या हैं. गौरतलब हैं कि इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में जब एक मेडिकल टीम कोरोना संक्रमण की जांच के लिए पहुंची थी तो वहां के मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगो ने उनके ऊपर पथराव किया था. तब डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल टीम के लोग जैसे तैसे अपनी जान बचा कर भागे थे. जानकारी के मुताबिक ये पूरी घटना व्हाट्सएप्प पर फैले फर्जी भड़काऊ मैसेज का नतीजा थी. ऐसे में इस घटना से तमाम मुस्लिम समुदाय शर्मिंदा हैं. अब हाल ही में इंदौर के प्रमुख मुस्लिम संगठन ने न्यूज़ पेपर में माफीनामा का विज्ञापन छपवाया हैं जिसमें डॉक्टर्स, नर्स सहित सभी लोगो से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी गई हैं.

मुस्लिम संगठनों द्वारा छापे गए इस माफ़ीनामे में लिखा गया हैं – “डॉ. तृप्ति कटारिया, डॉ. जकिया सैयद, समस्त डॉक्टर, नर्सों, मेडिकल टीम, शासन-प्रशासन के समस्त अधिकारी, सभी पुलिसकर्मी, सभी आशा-आंगनबाड़ी, संस्थाएं और समस्त जो इस आपदा (कोरोना) के बचाव में लगे हुए हैं, हमारे पास अल्फाज नहीं जिससे हम आप से माफ़ी मांग सके. यकीन कीजिए हम शर्मसार हैं, उस अप्रिय घटना के लिए जो जाने-अनजाने और अफवाहों में आकर हुई.

इस माफ़ीनामे में आगे लिखा गया हैं “हम इकरार करते हैं कि उस रब के बाद आप लोग ही हैं, जो हमारी हर बीमारी और हर मुश्किल के समय हमारे लिए दीवार बनकर खड़े रहते हैं. इसीलिए आज हम दिल से आप सभी से माफी मांगना चाहते हैं, हमें माफ कर दीजिए. हम उस वक्त में पीछे जाकर उसे सुधार तो नहीं सकते हैं, पर वादा करते हैं कि भविष्य में समाज की हर कमी को खत्म करने की हर संभव कोशिश जरूर करेंगे.

इस माफ़ीनामे को छपवाने में शामिल पाकीजा ग्रुप के चेयरमैन मकसूद गौरी ने ‘आज तक’ से बातचीत के दौरान बताया कि वे इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में हुए वाक्ये को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं. वे कहते हैं कि हम सिर उठाने तक की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. उनका कहना हैं कि इस तरह की घटनाएं केवल हिंदू-मुस्लिम के मध्य वातावरण बिगाड़ने के अंतर्गत हुई हैं. इस घटना ने ना सिर्फ इन्दौरी मुस्लिमों की बल्कि पुरे देश के मुस्लिम समुदाय की इमेज खराब की हैं. इसके बाद हम कैसे लोगो से आँख मिला पाएंगे, बस इसी वजह से मुस्लिम समुदाय ने सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने का निर्णय लिया हैं. कोरोना जैसी महामारी से लोगो को बचाने के लिए ये डॉक्टर अपनी जान खतरे में डाल काम कर रहे हैं. ऐसे में जाने अनजाने में हुई इस घटना की भरपाई माफ़ी द्वारा की जा सकती हैं. इसके साथ ही उन्होंने समाज में आंतरिक सुधार वादा भी किया.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इंदौर में डॉक्टरों पर हमला करने वाले लोगो में शामिल 13 लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया हैं. इनमें से 4 लोगो पर रासुका लगाया गया हैं. बाद में इसी इलाके से 12 लोगो कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए थे.

Back to top button