देवरानी-जेठानी एक दुसरे से क्यों इतना जलती हैं? जाने इस जलन की असली वजह

एक म्यान में दो तलवारे कभी नहीं रह सकती हैं.‘ आप लोगो ने ये कहावत तो सुनी ही होगी. ये बात घर की देवरानी और जेठानी पर एकदम सटीक लागू होती हैं. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता हैं जब देवरानी और जेठानी के बीच कोई भी अनबन नहीं होती हैं और दोनों बड़े प्रेम स्नेह से साथ में रहती हैं. ये लोग दुनियां के सामने भले ही ना झगड़े लेकिन पीठ पीछे इनकी बुराई जरूर करती हैं. इसका एक कारण ये भी हैं कि इन दोनों के मन में जलन की भावना बहुत जल्दी आ जाती हैं. जेठानी घर की बड़ी बहू होती हैं. वो पहले से इस घर पर राज कर रही होती हैं. फिर घर में छोटी बहू यानी देवरानी आ जाती हैं.

अब बड़ी बहू को ये डर सताता हैं कि नई बहू के आने से उसकी वेल्यु कहीं कम ना हो जाए. यदि घर में देवरानी की सभी के साथ अच्छे से बनती हैं तो जेठानी को थोड़ी जलन होने लगती हैं. दूसरी तरफ देवरानी घर में नई होती हैं. ऐसे में उसे हर काम में जेठानी से थोड़ा दबकर रहना पड़ता हैं. जेठानी को घर के सभी कामो में प्राथमिकता मिलती हैं. इस बात से देवरानी जलने लगती हैं.

दोनों की जलन का एक और कारण तरक्की और पैसा भी होता हैं. अब दोनों भाई एक ही जैसा कमाए और खाए यह तो संभव नहीं हैं. कोई ज्यादा कमाता हैं तो कोई कम कमाता हैं. ऐसे में अधिक कमाने वाले की लाइफस्टाइल देख देवरानी जेठानी आपस में जलने लगती हैं. उनसे ये देखा नहीं जाता हैं कि हम से ज्यादा तरक्की सामने वाला कैसे कर रहा हैं.

कई बार देवरानी जेठानी एक दुसरे के बच्चों की सफलता से भी जल जाती हैं. यदि उनका बच्चा नालायक निकल जाए और दुसरे का बच्चा ज्यादा गुणी हो तो यहाँ भी जलन की भावना आ जाति हैं. जलन की एक और बड़ी वजह खूबसूरती भी होती हैं. यदि देवरानी जेठानी में से एक कम सुंदर हो और दूसरी बेहद खुबसूरत हो तो वहां भी जलन होती हैं. फिर महंगे कपड़े और गहनों को पहना देख भी जलन होती हैं.

जलन बड़ी ही बेकार चीज होती हैं. ये आपको एक घटिया इंसान बना देती हैं. इससे आपके मन में दुश्मनी का भाव पैदा होता हैं. इससे घर परिवार तक बर्बाद हो जाते हैं. यदि आप इस स्थिति से बचना चाहते हैं तो दूसरों से जलना बंद करे. आपके पास जो कुछ भी हैं उसमे खुश रहना सीखे. आपको बाहर से भले ही दूसरों की लाइफ अच्छी लग रही हो लेकिन अंदर वो कितना दुखी हैं ये आप नहीं जानते हैं. आप बस खुद के ऊपर फोकस करे, मेहनत करे और प्रेम से रहे. आपकी ख़ुशी ज्यादा मायने रखती हैं. दूसरों की ख़ुशी को देख दुखी होना फायदे का सौदा नहीं हैं. एक देवरानी और जेठानी आपस में मिलजुल कर भी रह सकती हैं. एक बात हमेशा याद रखे कि अंत में लोगो का दिल जितने में पैसा नहीं बल्कि आपका व्यव्हार काम आता हैं. यही खुशहाल जीवन की कुंजी हैं.