शादी की बात तय होते ही हर लड़की के मन में चलते हैं ये 7 विचार, ससुराल पक्ष जरूर पढ़े

किसी भी लड़की के लिए शादी उसके जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन होता हैं. ये एक ऐसा समय होता हैं जिसके बाद उसकी आगे की जिंदगी पर उसके पति और ससुराल वालो का भी हक़ होता हैं. ऐसे में शादी को लेकर कई लड़कियां नर्वस हो जाती हैं. उन्हें अपने भविष्य की चिंताएं सताने लगती हैं. उनके मन में कई ऐसे विचार दौड़ने लगते हैं जो उन्हें बार बार यही याद दिलाते हैं कि ‘यार ये शादी करना जरूरी हैं क्या?’. शादी लव मेरिज हो या अरेंज मेरिज, जब बात अपना घर छोड़ ससुराल जाने की आती हैं तो सभी लड़कियों को थोड़ी हिचक होती हैं. एक नए घर में, नए परिवार में, नए लोगो के बीच उसे आगे की पूरी जिन्दगी काटना होती हैं. ऐसे में आज हम आपको उन विचारों के बारे में बताने जा रहे हैं जो लड़की के मन में शादी तय होने पर चलते हैं. इन्हें जान आप भी उसकी मदद कर सकते हैं.

1. यदि लड़की की शादी अरेंज मेरिज से तय हुई हैं तो वो अपने होने वाले पति के नेचर को लेकर टेंशन में रहती हैं. मेरा पति कैसा होगा, हमारी आपस में बनेगी या नहीं, क्या हम दोनों साथ में खुश रहेंगे? ये सभी बातें लड़की सोचने लगती हैं.

2. जब मैं ससुराल जाउंगी तो वहां के लोग कैसे होंगे? मेरी सास, देवरानी, जेठानी, ननद से पटेगी या नहीं? ये विचार हर लड़की के मन में चलते हैं. शादी के बाद लड़कियों को सबसे बड़ा टेंशन अपने ससुराल वालो के साथ एडजस्ट होने को लेकर ही रहता हैं.

3. शादी होते ही लड़कियों को अपनी आज़ादी और बंदिशों का डर भी सताता हैं. लड़की को एक आदर्श बहू बनाने के चकर में ससुराल वाले कई तरह की पाबंदियां और नियम उस पर थोप देते हैं. जैसे हमेशा साड़ी पहनना, घर के सभी काम में माहिर होना, ज्यादा घूमना फिरना नहीं, नौकरी नहीं करने देना, पुरुष मित्रों से बातचीत ना करना इत्यादि. ऐसे में लड़की यही सोचती हैं कि शादी के बाद उसकी लाइफ जेल जैसी ना हो जाए.

4. शादी की बात पक्की होने के बाद लड़कियां एक अच्छी बहू बनने और अपने माता पिता का नाम ससुराल में रोशन करने के बारे में भी सोचती हैं. वो शादी के बाद क्या क्या रणनीति अपनाएगी इसकी प्लानिंग भी करने लगती हैं.

5. शादी शब्द सुनते ही लड़कियों को एक डर ये भी सताता हैं कि इसका मेरे करियर पर कोई नेगेटिव प्रभाव तो नहीं पड़ेगा? अक्सर उन्हें ये डर रहता हैं कि शादी के बाद उनका करियर ख़त्म हो सकता हैं. वे शहर के बाहर नौकरी नहीं कर सकती, आगे बढ़ने के लिए वो वर्क रिलेटेड तैयारी नहीं कर सकती क्योंकि उसे घर के काम पर भी ध्यान देना होता हैं.

6. बच्चो की प्लानिंग कैसी होगी? शादी के कितने साल बाद मैं माँ बनना पसंद करुँगी? ये बातें भी लड़की के दिमाग में चलती हैं. आमतौर पर शादी के पहले दो सालो में ही माँ बनना बहुत कम लड़कियां पसंद करती हैं.

7. शादी तय होने के बाद लड़कियां अपनी शादी वाले दिन कौन से कपड़े पहनेगी और बाद में हनीमून पर कहाँ जाएगी ये सारी बातें भी सोचती हैं.