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आ गये अच्छे दिन, मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड, दो साल बेमिसाल जाने कैसे…?

आ गये अच्छे दिन, मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड, दो साल बेमिसाल जाने कैसे...?

जाने क्या सही और क्या गलत किया मोदी सरकार ने क्यों करते है लोग विरोध?

आप सभी लोग जानते हैं पिछले 2 सालों में मोदी सरकार ने अनेकों ऐसे काम किए हैं जो पिछले कई दशकों से देश में नहीं हुए थे। परंतु कुछ मीडिया सकारात्मक न्यूज़ नहीं दिखा रहे जिसके अनेको कारण हो सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे कार्य बता रहे है। जिसे जान आप भी पीएम मोदी के मुरीद हो जाओगे


कुछ दिन पहले 11 मई 2016 को दोपहर 12 बजे थे। जब कि पूरा भारत 42 ℃ की भीषण गर्मी में तप रहा था। भारत में 3994 मेगावाट बिजली सरप्लस थी और सिर्फ 2 रु 22 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध थी। हम वो दिन भूले नहीं हैं जब दिल्ली और वाराणसी जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी में 6 से 12 घंटे के पावर कट लगा करते थे ।


9 मई 2016 को भारत के 9 गाँवों ने जीवन में पहली बार बिजली का बल्ब जलाया।



7018 गाँवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है


इनमे 1 गाँव बिहार का , 4 मध्य प्रदेश और 4 गाँव झारखंड के हैं। जब से मोदी सरकार आई है 7018 गाँवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। 11344 गाँव शेष हैं । जिस गति से अभी काम चल रहा है उसमे लगभग 100 गाँव प्रति सप्ताह विद्युतीकरण हो रहा है। इस गति से मार्च 2018 तक भारत का प्रत्येक गाँव रोशनी से जगमगाने लगेगा।


पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य की राजधानी ब्राड गेज रेल से जोडी


2020 तक नार्थ इस्ट मने पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य की राजधानी ब्राड गेज रेल से जोड़ दी जायेगी। जो काम आज़ादी के 68 साल में न हो सका वो अगले 4 साल में हो जाएगा। ये सामरिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही , पर इस से समूचे पूर्वोत्तर का जीवन बदल जाएगा। वहाँ अनाज और रोज़मर्रा की अन्य ज़रूरतें सस्ती हो जाएंगी।

जानिये कुछ लोग मोदी सरकार  का विरोध क्योँ करते हैं

स्वच्छता मिशन शुरू

नयी सरकार में जब से स्वच्छता मिशन शुरू हुआ है , ग्रामीण स्वच्छता में 9.48 % सुधार हुआ है। अब तक मोदी सरकार स्वच्छता मिशन में 1.82 लाख शौचालय बनवा चुकी है । देश के 13 जिले , 161 विकासखंड, 22513 ग्राम पंचायतें और 53973 गाँव Open Defecation यानि खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं ।
111 नदियां जल परिवहन के लिए चिन्हित


देश की 111 नदियां जल परिवहन के लिए चिन्हित कर ली गयी हैं जिनमे छोटे शिप चला के माल परिवहन होगा । इस से यातायात किराये पर असर पड़ेगा । जो अभी ट्रक द्वारा 1.5 रूपये, और ट्रेन द्वारा 1 रु किलोमीटर है घट के सिर्फ 20 पैसे प्रति किलोमीटर रह जायेगी । गंगा एवं 4 अन्य नदियों को गहरा करने और उनके किनारे ports और jetties बनाने का काम शुरू हो चुका है । वाराणसी हल्दिया के बीच 1620 किलोमीटर लंबा कोरीडोर विकसित किया जा रहा है जिसमे 40 water ports बनाये जा रहे हैं । इनमे से 20 floating पोर्ट्स हैं और बाकी 20 concrete structures हैं । इस परियोजना की लागत 4000 cr रु है । इसमें नदी में 45 मी चौड़ा और 3 मीटर गहरा shipping corridor तैयार किया जा रहा है ।


मोदी सरकार ने इस साल सवा करोड़ बीपीएल परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है ।


पौने 3 लाख नए महिला और दलित उद्यमी खड़े होंगे

भारत की प्रत्येक बैंक शाखा को एक दलित और एक महिला उद्यमी को बेंक से ऋण उपलब्ध कर दो उद्यम प्रति बैंक शाखा खड़े करने का लक्ष्य दिया है ।

भारत में 2013 में 1,09,811 बैंक शाखाएं थी जो 2016 में बढ़ कर लगभग 1 लाख 40 हज़ार शाखाएं हो चुकी हैं । इस आंकड़े के हिसाब से देश में हर वर्ष लगभग पौने 3 लाख नए महिला और दलित उद्यमी खड़े होंगे ।

3 लाख लोगों को तरुण लोन

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत अब तक पौने 3 करोड़ लोगों को
 कुल 99,467 करोड़ रु का बैंक लोन छोटे और मझोले उद्यमियों को पिछले वित्तीय वर्ष में दिया गया है । इनमे से 2 करोड़ 50 लाख लोगों ने ” शिशु ” लोन यानि 5000 से 50,000 रु तक का लोन लिया है , 16 लाख 53 हज़ार लोगों ने किशोर लोन यानि 5 लाख तक का लोन और 3 लाख लोगों ने तरुण लोन यानि 10 लाख तक का लोन ले के उद्यम शुरू किये हैं ।
इनमे से यदि 20 % उद्यमी भी सफल रहे यानि 30 लाख लोगों का उद्यम भी यदि चल निकला और वो औसतन 5 लोगों को भी यदि प्रत्यक्ष / परोक्ष रोज़गार दें तो डेढ़ करोड़ लोग प्रति वर्ष स्वरोजगार रत होंगे।


समस्त जानकारी और आंकड़े PMO , ऊर्जा मंत्रालय ( पियूष गोयल ) और भूतल परिवहन ( नितिन जी गडकरी ) एवं रिजर्व बेंक की वेबसाइट से जुटाए गए हैं ।

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