ठंड में डूब रही माँ बेटी को बचा कर पहनाया अपना स्वेटर, मानवता की मिसाल बन कर होश आने तक खड़ा रहा अनजान

पटियाला: जहा एक तरफ इंसान कलयुग की चपेट में आ कर अपनी इंसानियत खो रहा है. वहीँ दूसरी और पंजाब के पटियाला का यह युवक मानवता की अनोखी मिसाल कायम कर रहा है. बीते दिन पटियाला के मॉडल टाउन में मौजूद एक कोठी के सर्वेंट क्वाटर में चार सालों से रह रहे रामचंद्र ने परिवार समेत व्हाख्दा डैम में कूद कर जान देनी चाही. रामचंद्र जहाँ, काम कर रहा था, वहां के मालिक ने उस पर गहने चुराने का आरोप लगाया था जिससे परेशान हो कर वह पूरे परिवार के साथ खुद को खत्म करना चाहता था. लेकिन एक व्यक्ति ने भयानक ठंड के बावजूद कूद कर उसके परिवार की बेटी और माँ को डूबने से बचा लिया. हालाँकि रामचंद्र अभी भी लापता है जबकि उसके 7 वर्षीय बेटे युवराज की डूबने के कारण मौत हो गई है. लेकिन 28 वर्षीय पत्नी बसंती और 10 साल की बेटी सुष्मिता को एक अनजान युवक ने बचा लिया.

रामचंद्र के परिवार

34 वर्षीय रामचंद्र के परिवार के लिए इस कड़ाके की ठंड में जो युवक मसीहा बन कर सामने आया उसका नाम शंकर भारद्वाज है जोकि एक गोताखोर है. शंकर के अनुसार घटना के समय वह नहर के किनारे ही मौजूद थे. ऐसे में जब परिवार ने डैम में छलांग लगाई तो जैसे तैसे उन्होंने माँ और इति को जिंदा बचा लिया. जबकि काफी तलाश के बाद उनके बेटे की लाश बरामद कर ली गई. गोताखोर शंकर के अनुसार परिवार का रामचंद्र अभी भी लापता है. शंकर के अनुसार उन्होंने नहर में काफी समय तक रामचंद्र को तलाशा लेकिन पानी के बहाव की तेज़ी के कारण वह उसे ढूँढ नही पाए.

वही दूसरी और सिरसा के राहुल नामक व्यक्ति ने मानवता की मिसाल कायम करके बच्ची का मौके पर इलाज करवाया. इसके लिए वह पीड़ित अच्छी को गोद में उठाकर घंटों तक एक से दुसरे वार्ड तक घूमता रहा और सब्भी जरूरी दवाइयों का इंतेज़ाम किया. इतनी अधिक सर्दी  होने के बाद बह सिरसा के इस युवक ने खुद की नहीं सोची और अपना स्वेटर उतार कर बच्ची को पहना दिया ताकि उसे कुछ गर्माहट पहुँच सके. जब तक बच्ची का इलाज चलता रहा, वह वार्ड के बाहर ही खड़ा रहा और होश आने के बाद ही चैन की सांस ली.

बात दें कि रामचंद्र की पत्नी बसंती और बेटी सुष्मिता फ़िलहाल पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती हैं. सिरा के राहुल और गोताखोर शंकर ने इस माँ बेटी को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की. लेकिन बसंती के होश में आने के बाद भी उसे नही बताया गया कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है और पति अभी भी लापता है. मिली जानकारी के अनुसार जब से बसंती होश में आई है, तब से बेटे और पति के बारे में पूछ रही है और जवाब ना मिलने पर बिलख जाती है. वहीँ रामचंद्र के बड़े भाई राम बहादुर ने बताया कि वह नेपाल के जिला गुल्मी के रहने वाले हैं और काम के कारण पटियाला में रहते आए हैं. राम बहादुर के अनुसार वह इस घटना से अनजान था उसे इस बात की खबर फोन पर दी गई थी.