जन्म दिन विशेष : ‘जय जवान जय किसान’ कहने वाले लाल बहादुर शास्त्री ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया

भारत की आजादी के बाद कई प्रधानमंत्री आए और गए लेकिन लाल बहादुर शास्त्री जी की जगह शायद ही कोई पीएम ले पाए. उन्होंने देश के हित के लिए जितने भी काम किए उसका दस प्रतिशत भी कोई कर दे तो देश की स्थिति सुधर जाए. भारत के सफल प्रधानमंत्री इतने बड़े पद में थे लेकिन एक सादा जीवन ही वे जीते थे और लोगों को इसी राह पर चलने की प्रेरणा देते थे. लाल बहादुर शास्त्री जी की हाइट बहुत कम थी लेकिन फिर भी उन्होंने देश के लिए ऐसे-ऐसे काम किये कि भारत के इतिहास में हमेशा इनका नाम दर्ज रहेगा और बच्चों को इनकी बहादुरी के किस्से सुनाए जाएंगे. इन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत से ऐसे नियमों को बनाया जिसका पालन आज भी किया जा रहा है. बहादुर शास्त्री ने हमेशा देश के गौरव को बढ़ाया और देखिए कि वे कितने महान आदमी थे.

लाल बहादुर शास्त्री जीवनी

1. लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था. कम उम्र में ही इनके सिर से पिता का साया उठ गया, इसलिए इनकी शुरुआती पढ़ाई नानी के घर हुई.

2. आर्थिक तंगी के कारण लाल बहादुर शास्त्री के पास स्कूल तक जाने के पैसे नहीं थे इसलिए वे शॉर्टकट जाते थे जो नदी पार करके पड़ती थी. वे नदी में तैरकर स्कूल पहुंचते थे.

3. शास्त्री जी ने साल 1928 में ललिता देवी से शादी की थी. उन्होंने दहेज में चरखा और कुछ गज कपड़ा मांगा था, जिसका पैसा उन्होंने खुद दिया था. वे दहेज के खिलाफ थे और खुद भी कुछ नहीं लिया था.

4. भारत की आजादी के बात उऩ्हें यूपी के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया. गोविंद बल्लभ पंत के कैबिनेट में उन्हें परिवहन मंत्री बनाया गया. अपने कार्यकाल के दौरान ही उन्होंने महिला कंडक्टर पद की पहली बार नियुक्ति की जो आज भी चलन में है.

लाठी की जगह पानी की बौछार कराने का प्रचलन लाल बहादुर शास्त्री ने ही शुरु किया

5. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले लाठी का इस्तेमाल होता था लेकिन उसकी जगह पानी की बौछार कराने का प्रचलन लाल बहादुर शास्त्री ने ही शुरु किया.

6. साल 1951 में शास्त्री जी को अखिल भारत कांग्रेस कमेटी के महासचिव चुना गया. साल 1952, 1957 और 1962 के लोकसभा चुनाव को भारी बहुमत से जिताने का श्रेय शास्त्री जी को ही दिया जाता है.

7. शास्त्री ने ही रेलवे में थर्ड क्लास शुरु करवाया जिससे फर्स्ट क्लास और थर्ड क्लास के किराया में बहुत अंतर हुआ. इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिली थी.

8. शास्त्री जी भगत सिंह पर बनी फिल्म शहीद देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए थे. इसके बाद उन्होंने इस फिल्म को कई बार देखी थी.

9. सफेद क्रांति को शास्त्री जी ने ही अपने कार्यकाल में बढ़ावा दिया था. आनंद और गुजरात के अमूल दूध कॉपरेटिव के साथ मिलकर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की भी इन्होंने ही स्थापना की थी.

10. जय जवान जय किसान का नारा शास्त्री जी ने ही दिया था. इसके बाद भारत की जनता का मनोबल बढ़ता गया और देश एकजुट हो गया था.

ताशकंद समझौते

11. ताशकंद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध ना करने की ताशकंद घोषणा के समझौते के बाद ही साल 1966 में इनकी मृत्यु हो गई थी. इसी साल इन्हें मरणोपरांत भारत रत्न भी प्राप्त हुआ था.