अध्यात्म

इन पापो को महादेव नहीं करते कभी माफ, सुखी जीवन चाहते हैं तो दूर रहें इनसे

त्रिदेवों में सबसे सर्वश्रेष्ठ हैं महादेव, जिनकी पूजा पूरी सृष्टि करती है. भगवान शिव जब प्रसन्न होते हैं तो वे भोलेनाथ हैं लेकिन अगर वे क्रोधित होते हैं तो प्रलय आ जाता है. इसलिए इंसान को हमेशा वो काम करने चाहिए जो सही मायने में सही हो और उसमें पाप का जरा भी मिश्रण नही हो वरना महादेव कभी माफ नहीं करते. शास्त्रों में कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जो काम पाप के दायरे में आते है और उन्हें वर्जित बताए गए हैं. इन पापो को महादेव नहीं करते कभी माफ और अगर आप महादेव के क्रोध से बचना चाहते हैं तो इऩ पापों को अपने जीवन में नही करें वरना आपका सुखी जीवन नरक बनते देर नहीं लगेगी. महादेव शिव औघड़दानी होते हैं लेकिन शिव जितने भोले होते हैं उतने ही प्रलयंकारी भी होते हैं, हर इंसान को इस दायरे में रहना चाहिए कि वे कोई पाप ना करें वरना इसका हरजाना उन्हें ही भुगतना पड़ता है.

इन पापो को महादेव नहीं करते कभी माफ

शिव पुराण में कार्य, बात-व्यवहार और सोच समझकर किये गए पापों का वर्णन है जिसे शिवजी कभी माफ नही करते हैं. ऐसा व्यक्ति हमेशा शिवजी के प्रकोप का भागी बनता है और कभी भी सुखी जीवन व्यतीत नहीं करता. आप अपने दिमाग में जो सोच रहे होते हैं वो भगवान से छुपता नही इसलिए भले ही आप बात या व्यवहार से किसी को नुकसान ना पहुंचाया हो लेकिन अगर मन में किसी के प्रति बुरा भाव लाया होगा तो वो पाप की श्रेणी में ही आता है. चलिए अब बताते हैं आपको कौन से वो पाप हैं जो भगवान शिव को नहीं पसंद है और पुराणों में उन्हें वर्जित माना गया है.

1. दूसरों के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखना या उसे पाने की इच्छा रखना सबसे बड़ा पाप होता है और पुराणों में इसे सबसे बुरा काम बताया गया है.

2. दूसरो का धन पाना या उसे अपना बनाने की चाह रखने वाले भी भगवान शिव की नजर में अक्षम्य और अपराधिक होता है. दूसरों के धन को मिट्टी के समान ही समझना चाहिए.

3. किसी भी निर्दोष या कमजोर को कष्ट देना, उसे नुकसान पहुंचाना या उसका धन लूटना, उसके कामों में बाधा लाने की योजना बनाना या ऐसी कोई सोच रखने वाला भी शिवजी की नजरों में गिरा होता है और उसे माफी भी नहीं मिलती है.

4. अच्छी बातें भूलकर बुरी राह चुनने वाला भी पाप का भागीदारी होता है और उसे भगवान शिव माफी के काबिल नहीं समझते हैं.

5. कभी किसी स्त्री पर बुरी नजर नहीं रखनी चाहिए क्योंकि ऐसा बुरा करने वाले कभी ना संसारिक जीवन भोग पाते हैं ना धन से ही कभी संतुष्ट रह पाते हैं.

6. माता-पिता को नुकसान पहुंचाने वाले या उन्हें तकलीफ देने वालों के लिए भी भगवान शिव की नजर में कभी ना माफ करने वाला पाप होता है. ऐसा करना ईश्वर को दुख पहुंचाने के बराबर समझा गया है जिसे इंसान को नहीं करना चाहिए.

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