पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों को लेकर नितिन गडकरी ने माना कि इससे जनता को हो रही है परेशानी

मुंबई: मुंबई में पेट्रोल की क़ीमत 90 रुपए प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुँचने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को यह स्वीकार किया कि इस समय पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें बहुत ज़्यादा बढ़ गयी हैं। इसकी वजह से जनता को काफ़ी परेशानी हो रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें इस समय पूरे देश में सबसे महँगा पेट्रोल मुंबई में ही बिक रहा है। मंगलवार के दिन मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 89.54 रुपए प्रति लीटर रही।

मंगलवार को 10 पैसे और बढ़े पेट्रोल के दाम:

हर दिन पेट्रोल-डीज़ल के दामों में थोड़ी-बहुत बढ़ोत्तरी हो ही रही है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को 10 पैसे ज़्यादा क़ीमत पर पेट्रोल बिक रहा था। वहीं डीज़ल में 9 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई। बढ़ोत्तरी के बाद एक लीटर डीज़ल की क़ीमत मुंबई में 78.42 रुपए प्रति लीटर रही। बता दें महाराष्ट्र के लगभग दर्जन भर शहरों में एक लीटर पेट्रोल 90 से 91 रुपए प्रति लीटर की क़ीमत में बिक रहा है, वहीं एक लीटर डीज़ल 80 रुपए से ज़्यादा की क़ीमत में बिक रहा है।

लोगों को करना पड़ रहा है समस्याओं का सामना:

बता दें नितिन गडकरी ने तीसरे ब्लूमबर्ग इंडिया इकानॉमिक फ़ोरम को सम्बोधित करते हुए कहा कि, एक चीज़ है कि इस समय ईंधन के दम काफ़ी ऊँचे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जबकि लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गडकरी ने आगे बताया कि इस बात की सम्भावना है कि कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की क़ीमत नीचे आ जाएगी। हालाँकि नितिन गडकरी ने यह साफ़ नहीं किया कि उन्हें यह सूचना किस स्त्रोत से मिली है। बता दें परभनी, नंदरबार, नांदेड़, लातूर, जलगांव, बीड़, औरंगाबाद और रत्न्नागिरी जैसे शहरों में रविवार के दिन एक लीटर पेट्रोल का दाम 90 रुपए प्रति लीटर के पार हो गया था।

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के बारे में गडकरी ने कहा कि उन्हें इस बात का विश्वास है कि 2019 में फिर से भाजपा सत्ता में आएगी। गडकरी ने साफ़ कर दिया कि कोई कठिन परिस्थिति आने के बाद भी उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। गडकरी ने आगे कहा कि, नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। हम सब मोदी जी के साथ हैं। मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि अगले चुनाव के बाद वह हमारे प्रधानमंत्री फिर से होंगे।

कांग्रेस ने किया था भारत बंद का आह्वान:

आपको बता दें बढ़ती तेल की क़ीमतों की वजह से भाजपा के ऊपर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं। पिछले दिनों बढ़ते पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों की वजह से कांग्रेस ने 20 से ज़्यादा राजनीतिक दलों के साथ मिलकर भारत बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस के इस भारत बंद में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। वहीं कई जगहों पर भारत बंद के दौरान हिसंक घटनाएँ भी हुई। इसकी वजह से कांग्रेस के भारत बंद का भाजपा ने काफ़ी विरोध किया था और इसे फ़ेल बताया था। वहीं कांग्रेस का कहना था कि उनके भारत बंद का कार्यक्रम सफल रहा।