राहुल गंधी के बड़बोलेपन पर भड़की भाजपा, कहा भाषणों में सिर्फ़ झूठ बोलते हैं राहुल

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। जब भी ये किसी अन्य देश के दौरे पर जाते हैं तो कोई ना कोई विवादित बयान ज़रूर दे देते हैं। इस समय राहुल गांधी अपने चार दिवसीय जजर्मनी और ब्रिटेन की यात्रा पर हैं। राहुल गांधी ने जर्मनी के हैमबर्ग में बुसेरियस समर स्कूल में छात्रों को सम्बोधित करते हुए देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को बेरोज़गारी से जोड़ दिया। राहुल गांधी का बयान थी वैसे ही है जैसे कहा जाता है कि देश में बढ़ती जनसंख्या की वजह बेरोज़गारी है।

राहुल गांधी ने जर्मनी में घटाया भारत का सम्मान:

वहीं राहुल गांधी के बयानों को भाजपा ने झूठ और फ़रेब बताया है। संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत को समझ नहीं पाए हैं। इसी वजह से उन्होंने इस तरह का बयान देकर विदेश में भारत का मान घटाया है। संबित पात्रा ने कहा कि, ‘राहुल गांधी ने आतंक और आईएसआईएस को सही ठहराने की कोशिश की है। 70 सालों तक देश पर उनके परिवार का शासन रहा, लेकिन उन्होंने कोई विजन नहीं दिया। राहुल गांधी ने झूठे और ग़लत तथ्यों पर बयान दिया है। उन्होंने विदेश में जाकर भारत की संसद का अपमान किया है। राहुल गांधी ने राहुल की तरह व्यवहार किया और जर्मनी में भारत का सम्मान घटाया।’

भारत में किया जाता है महिलाओं का पूरा सम्मान:

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आपके पिता राजीव गांधी ने ही कहा था कि 100 पैसा भेजने पर आम आदमी के पास केवल 15 पैसा ही पहुँच पाता है। बीच के 85 पैसे कांग्रेस के लोग ही तो खाते थे। आख़िर उस समय सरकार में कौन था? संबित पात्रा ने राहुल गांधी के महिलाओं पर दिए भाषण के बारे में कहा कि इसके लिए राहुल गांधी को माफ़ी माँगनी चाहिए। इस देश ने आपकी माँ को इतना मान-सम्मान दिया और आपने बाहर जाकर इसी देश की बेइज़्ज़ती कर दी। आपको होमवर्क करना चाहिए। भारत में महिलाओं का पूरा सम्मान किया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गांधी में जर्मनी में कहा था कि देश में बढ़ती बेरोज़गारी की वजह से लोगों में ग़ुस्सा है और उसी की वजह से देश में हिंसक घटनाएँ हो रही हैं। कुछ साल पहले भारतीय प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का फ़ैसला किया और एमएसएमई के नक़द प्रवाह को बर्बाद कर दिया था। राहुल गांधी ने कहा, अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग बेरोज़गार हो गए। बड़ी संख्या में छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोगों को काम ना होने की वजह से अपने गाँवों में लौटना पड़ा था। इससे देश के लोग बहुत नाराज़ हैं। लिंचिंग की जो घटनाएँ भारत में हो रही हैं, वो इसी वजह से हो रही हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें यह पहला मौक़ा नहीं है जब अपने भाषणों की वजह से राहुल गांधी को भाजपा के क्रोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी कई बार राहुल गांधी ने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिसकी वजह से भाजपा उनके ऊपर जमकर बरसी है। इस बार राहुल गांधी ने विदेश में जाकर जो भारत की छवि पेश की है, उससे ना केवल भाजपा बल्कि देश के अन्य लोग भी काफ़ी नाराज़ हैं। लोग कह रहे हैं कि देश के अंदर तो ठीक है, लेकिन बाहर जाकर राहुल गांधी को इस तरह की बात सोच-समझकर बोलना चाहिए।