कभी भारत से गए थे ये बंजारे, आज इस देश में जी रहे हैं आलीशान जिंदगी

नई दिल्ली: रोमानिया के बुजेस्क्यू टाउन में लगभग 35 प्रतिशत रोमा समुदाय के लोग रहते हैं। रोमा समुदाय के साथ आमतौर पर गरीबी की धारणा जुडी हुई है। लेकिन लोगों की यह धारणा बहुत ही गलत है। यहाँ का रोमा समुदाय बहुत ज्यादा अमीर है। यहाँ के रोमा समुदाय के पास आलिशान मकान है, केवल यही नहीं लगभग हर घर के सामने महंगी स्पोर्ट्स कार भी खड़ी रहती है। ऐसे में इन्हें गरीब कहना, उचित नहीं होगा। आपको जानकर काफी हैरानी होगी कि रोमा यूरोप की एक ऐसी कम्युनिटी है, जिसका सीधा सम्बन्ध भारत से है।

ये समुदाय यूरोप के लगभग हर हिस्से में भेदभाव का शिकार है और भयानक गरीबी झेलने के लिए मजबूर है। आपको बता दें रोमानिया के 5000 लोगों वाले इस टाउन में केवल एक ही रोड है। इस रोड के दोनों तरफ आलीशान बंगले बने हुए हैं। इस टाउन में जो भी लोग रहते हैं, उनके पास एक से बढ़कर एक आलीशान कारें हैं। इस समुदाय के कई लोग बड़े-बड़े बिज़नेस भी करते हैं, हालाँकि वो इसके बारे में किसी बाहरी को नहीं बताते हैं, कि वो कौन सा काम करते हैं।

यहाँ के लोगों से जब काम को लेकर माफिया की बात की जाती है तो समुदाय की रहने वाली अमीर रोमा कोस्टिका स्टानकू कहती हैं कि माफिया किया होता है। पैसा तो केवल काम करने से ही आता है। ना ही भीख मांगकर कोई अमीर हो सकता है और ना ही किसी और काम से। यहाँ की रहने वाली एक अन्य रोमा महिला स्टेलियाना ने बताया कि ‘यहाँ के ज्यादातर बंगलों के केवल एक-दो कमरों में ही लोग रहते हैं। यहाँ के लोगों को इतनी बड़ी जगह की कोई जरुरत नहीं है। ये सिर्फ दिखावे की लिए है, कि हम भी अमीरी के मामले में किसी से कम नहीं है।‘

आपकी जानकारी के लिए बता दें रोमा यूरोप का सबसे बड़ा माइनॉरिटी ग्रुप है, जिसे रोमा समुदाय के नाम से जाना जाता है। इस समुदाय के लगभग 1 करोड़ लोग यूरोप में रहते हैं। रोमा समुदाय के लोग सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप के बुल्गारिया, यूगोस्लाविया, मैसेडोनिया, स्लोवाकिया, रोमानिया, सर्बिया और हंगरी में रहते हैं। हमेशा घूमते रहते की वजह से इन्हें जिप्सी भी कहा जाता है। आपको यह जानकर दुःख होगा कि इस समुदाय के लोगों ने सेटलमेंट के समय बहुत प्रताड़ित होना पड़ा था। इतने सालों से यूरोप में रहने के बाद भी आज ये भेदभाव के शिकार होते रहते हैं।

करंट बायोलॉजी नाम की एक मैगजीन में छपी एक रिसर्च में यह दावा किया गया है कि रोमा समुदाय का सम्बन्ध भारत से है। इस समुदाय के लोग भारत के उत्तरी और उत्तर-पक्षिम इलाके से सम्बन्ध रखते थे। ये आज से 1500 साल पहले भारत से ईरान पहुंचे थे। वहां से 15वीं सदी में ईरान के रास्ते होते हुए यूरोप पहुँच गए। एक अनुमान के अनुसार यूरोप में इस समय रोमा समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 1 करोड़ के आस-पास है। पूरे यूरोप में फैले होने की वजह से इनकी संख्या का सटीक आंकलन नहीं किया गया है।

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