नई दिल्ली – इन दिनों राज्यसभा से लेकर लोकसभा तक नेताओं के भाषण सुर्खियों में हैं। पीएम मोदी ने पहले लोकसभा में फिर राज्यसभा में कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। लेकिन, इस दौरान ऐसा कुछ हुआ जिसकी खुब चर्चा हो रही है। बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि आधार को कांग्रेस अपनी योजना बताती है, जबकि 7 जुलाई 1998 को इसी सदन में तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि एक ऐसा कार्ड होगा जो नागरिकता की पहचान का सबूत होगा। यही आधार कार्ड का बीज था। पीएम मोदी के इतना कहते ही कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी बहुत जोर से हंसने लगीं। उनकी इस हंसी पर प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा जवाब दिया की सभी हंस पड़े।

पीएम मोदी ने रेणुका चौधरी की हंसी का जवाब देते हुए कुछ ऐसा कही कि राज्यसभा में बैठे लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अपना भाषण दे रहे थे तो उसी वक्त कांग्रेस की रेणुका चौधरी बहुत जोर से ठहाका लगाने लगी। रेणुका चौधरी की हंसी इतनी आपत्तिजनक थी कि सभापति वेंकैया नायडू भी गुस्‍सा हो गए और उन्‍होंने रेणुका से कहा कि यह व्‍यवहार संसदीय नहीं है। इसी बीच प्रधानमंत्री ने सभापति से कहा कि, ‘मेरी प्रार्थना है आप रेणुका जी को कुछ नहीं कहें। रामायण सीरियल के बाद पहली बार ऐसी हंसी सुनी है।’

पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में रेणुका को जो बात कहीं उसका अर्थ हर कोई समझता है। संभवत: उनका इशारा ‘राक्षसी अट्टहास’ की तरफ था। जब सदन खत्म हुआ तो रेणुका चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महिला का मजाक उड़ाया है। मैं दो बेटियों की मां हूं, किसी भी बेटी हूं और किसी की पत्नी हूं। मैं सदन में उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लेकर आउंगी। रेणुका चौधरी से जब ये पूछा गया कि वह सदन में इतने जोर से क्यों हंस रही थी तो उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने मुझपर पर व्यक्तिगत टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मुझे हंसी इसलिए आई क्योंकि “पीएम मोदी ‘आधार’ पर कांग्रेस पर आरोप लगा रहे थे। जबकि आधार के खिलाफ खुद मोदी ने ही कई बार पब्लिक मीटिंग में बोला है।”

इसी बीच बीजेपी ने किरण रिजिजू ने भी ‘सूपर्णखा’ की हंसी वाला एक वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर कर इस मामले को और गर्म कर दिया है। इस वीडियो में सूपर्णखा जोर जोर से हंस रही है। किरण रिजिजू ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें सूपर्णखा की हंसी को पीएम मोदी के राज्यसभा में दिए गए बयान से लिंक किया गया है। हालांकि, पीएम मोदी ने यहां रामायण का जिक्र क्यों किया था इस बात को जाने बिना ही सभी उनकी तुलना रामायण की ‘सूपर्णखा’ से करने लगे हैं। यहां तक की कांग्रेस को भी ऐसा ही लग रहा है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले राज्य सभा और फिर लोक सभा में कांग्रेस और कांग्रेसी नेताओं से लेकर पंडित नेहरू तक किसी को भी नहीं बख्शा। देखिए वीडियो में क्या है –

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