दिल्ली का जिगोलो मार्केट (gigolo market 2018) – जहां औरतें लगाती हैं मर्दों के जिस्म की बोली….

नई दिल्लीः कुछ साल पहले एक मूवी आई थी बी.ए पास जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक लड़का पैसे की तंगी के चलते देह व्यापार में फंस जाता है। परंतु अब असल में भी दिल्ली और मुंबई समेत कई बड़े शहरों में मर्दों के जिस्म का कारोबार बड़ी तेजी से फल-फुल रहा है। इसे जिगोलो मार्केट के नाम से भी जाना जाता है। आज हम आपको बताएंगे जिगोलो मार्केट (gigolo market 2018) से जुड़ी खास बातें।राजधानी दिल्ली (gigolo market in delhi address india) के कई प्रमुख इलाकों जैसे सरोजनी नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्किट तथा कमला नगर मार्किट जैसे कई क्षेत्रो में जैसे ही रात होती हैं, पुरुषों की वेश्यावृति के लिए बाजार सज जाता हैं। इन इलाकों में रात होते ही मर्दों की जिस्म फरोशी के लिए दिल्ली जैसे शहर के कई बड़े परिवारों की औरते, लड़कियां यहाँ आती हैं और मनपसन्द मर्दों पर अपनी बोली लगाती हैं।

रात के अंधेरे में होता है ये जिगोलो मार्केट काकाला धंधा ( gigolo market in delhi

अंधेरा होते ही इन जिगालो मार्किट (gigolo market 2018) में दिल्ली के युवक अपने जिस्म की खरीद फरोख्त करते दिखाई देते हैं। देश की राजधानी में जब सडकों पर भीड़ भाड कम हो जाती हैं तब पुरुषों के इस बाजार में रौनक शुरु होती हैं। सबसे हैरानी की बात यह हैं की रात के अंधेरे में पुरुषो की मंडी में इनकी खरीद फरोख्त के लिए जो महिलायें और लड़कियां आती हैं वो अकसर सभ्य परिवार कि होती हैं।

किस प्रकार होता हैं इन मर्दों (जिगोलो) का सौदा – (gigolo market in delhi)


मर्दों के जिस्मों की इस मंडी में बिकने के लिए तैयार इन मर्दों को ‘जिगोलो’ कहा जाता हैं। इन जिगोलों की खरीद फरोख्त का काम शहर के कॉफ़ी हाउसों, पबों आदि में होता है। कुछ आंकड़ो के अनुसार इन जिगोलो की बुकिंग तक़रीबन 1800 रूपये से लेकर 3000 हजार रूपये के बीच होती हैं। यदि किसी को पूरी रात के लिए चाहिए तो उसको तक़रीबन 8000 तक देना होता हैं।  दिलचस्प बात है कि महिला सेक्स वर्कर के मुकाबले जिगोलो के रेट ज्यादा होते हैं।

शहर के बाहर ले जाने के चार्जेज हैं ज्यादा

कुछ महिलाएं जिगोलो को अपने घर बुलाती है और इसके लिए ज्यादा रकम देती है। यदि शहर से बाहर ले जाना हो तो ज्यादा चार्जेज होते हैं।  जिगोलो और महिला के बीच संबंध खत्म होने के बाद दोनों के बीच एक-दूसरे को न पहचानने की शर्त रखी जाती है।

सबसे ज्यादा कौन हैं इस धंधे में शामिल


भारत में कई ऐसे ऑर्गनाइजेशन भी होती है जहां इन जिगोलो की ट्रेनिंग देती है। ट्रेनिंग में महिलाओं से कैसे बात की जाए, उन्हें किस तरह से संतुष्ट किया जाए। बता दें कि कई समलैंगिक भी जिगोलो को हायर करते हैं। कई जिगोलो तो बहुत पढ़े-लिखे हैं। इनमें इंजीनियरिंग और मेडिकल समेत कॉम्पिटीटिव एग्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स सबसे ज्यादा हैं।

गले में पहनते हैं रूमाल या पट्टा –

जिगोलो का एक खास ड्रेस कोड होता है। इच्छुक महिलाओं को ये ड्रेस कोड बताया जाता है। कुछ जिगोलो गले में रूमाल या पट्टे लगाकर रखते हैं। ये एक इशारा होता है। आपको हैरानी होगी कि ये रूमाल या पट्टा उनके प्राइवेट पार्ट की लंबाई दर्शाता है।

होटलों तक पहुंचा जिगोलो मार्केट –


सड़कों से उठकर यह धंधा साउथ दिल्ली के कई जाने-माने होटलों (gigolo market in delhi address india) तक पहुँच चुका है। मगर यहां जिगोलो की पहचान गले में पहने पटटे से नहीं बल्कि ड्रेस से होती है। दरअसल साउथ दिल्ली के कई होटलों में जिगोलो के हाथ में लाल रुमाल और गले में पटटे की बजाय काली पतलून और सफ़ेद शर्ट पहचान होती है। सूत्रों के मुताबिक जिगोलो इन होटलों के रेस्तरां में बैठकर काफी की चुस्कियां लेते हुए अपने ग्राहक की तलाश करते हैं।

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