पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ एक बार फिर अपने बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं. जनरल परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि उनकी सरकार ने कश्मीर में “स्वतंत्रता सेनानियों” (आतंकियों) को अपने नियंत्रण में कर रखा था लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि यह राजनीतिक प्रक्रिया है और भारत के साथ इस मुद्दे पर बात करना जरूरी है. उन्होंने बताया की उनकी सरकार ने भारत पर दबाव बना कर कई मुद्दों पर बात करने के लिए सहमत कर लिया था.

पाक में आतंक के खात्मे के लिए समग्र दृष्टिकोण जरूरी –

मुशर्रफ ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को खत्म करने के लिए समग्र दृष्टिकोण और योजना की आवश्यकता है. मुशर्रफ ने पाकिस्तान सरकार से सवाल किए की वह देश में सक्रिय स्लीपर सेल को खत्म करने के लिए क्या कर रही है. मुशर्रफ का मानना है कि उनके सत्ता से बाहर होने पर पंजाब आतंकवाद का गढ़ बन गया.

 कहा, “हाफिज सईद आतंकवादी नहीं है –

साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंट तथा जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बारे में उन्होंने कहा कि हाफिज आतंकवादी नहीं है. उन्होंने कहा, “हाफिज सईद आतंकवादी नहीं है. यह बात स्थापित हो चुकी है कि वह एक बड़ा धर्मार्थ संगठन चलाते हैं. पाकिस्तान में भूकंप तथा बाढ़ के बाद उन्होंने राहत गतिविधियों में काफी योगदान दिया.” उन्होंने दावा किया कि भारत सईद के पीछे इसलिए पड़ा है क्योंकि सईद के कार्यकर्ता (आतंकी) कश्मीर में जाकर भारत की सेना से लड़ रहे हैं.

मुशर्रफ ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना द्वारा आतंकियों के सफाये के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब में कोई खामी नहीं है क्योंकि इसे खास तौर पर उत्तरी वजीरिस्तान के लिए चलाया जा रहा है. मुशर्रफ ने कहा कि ऑपरेशन के तहत उन सारे आतंकी शिविरों और लॉन्चिंग पैड को खत्म किया जा रहा है जिन्हें भारत की जासूसी एजेंसियां अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी नेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ सिक्योरिटी के जरिए मदद दे रही हैं.

आपको बता दें कि 1999 में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान की सत्ता पर आसीन हुए मुशर्रफ 2001 से 2008 तक पाकिस्तान राष्ट्रपति रहे. एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में मुशर्रफ ने कहा कि एक सेना प्रमुख और राष्ट्रपति के तौर पर वे सफल थे. मुशर्रफ ने कहा कि वे भारत के साथ कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के करीब थे. मुशर्रफ ने कहा अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत के हाथों खेल रही है. बता दें कि मुशर्रफ पर पाकिस्तान में विदेश जाने पर पाबंदी लगी थी. बैन की गई सू्ची से नाम हटने के बाद वे दुबई चले गए थे.

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