सोनिया के नाम की आदित्य ठाकरे ने ली शपथ, कसम राम की खाते है से लेकर कसम सोनिया की तक का सफर

इन दिनों राजनीति में घमासान चल रहा है और शिवसेना किसके साथ सरकार बनाए इसके लिए वे खुद कंफर्म नहीं है। पहले इनकी सरकार बीजेपी के बल पर बननी थी और फिर इनका मन कांग्रेस के साथ जाने का होने लगा लेकिन अब फिर इनका मन बदल गया। अब तो लोगों में यही बातें हो रही हैं कि इन्हें चाहिए क्या, पर जो भी हो लेकिन सोनिया गांधी के नाम की आदित्य ठाकरे ने ली है शपथ, ऐसा क्यों है चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में।

सोनिया गांधी के नाम की आदित्य ठाकरे ने ली है शपथ

महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट कब होगा, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर की सुबह फैसला सुनाया जाएगा। इससे पहले सोमवार को मुंबई के होटल हयात में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना के विधायकों की एक बैठक हुई। इसमें सभी विधायक की परेड कराई गई इसके साथ ही पार्टी के साथ रहने की शपथ भी दिलाई गई थी। जब ये शपथ ली गई तो उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने बाला साहेब ठाकरे के नाम की जगह सोनिया गांधी के नाम की शपथ ली थी। इसे लेकर बीजेपी अब शिवसेना पर कंज कसती नजर आ रही है। बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी केत नाम की शपथ लेने पर तंज कसते हुए कुछ बातें कहीं। शेलार ने कहा, शिवसेना नेताओं ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया है और ये दिखता है कि उनका हिंदुत्व कितना खोखला हो गया है।’ इतना ही नहीं शेलार ने तीनों दलों के शक्ति प्रदर्शन के दौरान 162 विधायकों की मौजूदगी को लेकर भी आशंका जताई है। आशीष शेलार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- कांग्रेस की पहचान परेड राज्य की जनता और लोकतंत्र के साथ क्रूर मजाक हुआ है। शेलार ने विपक्षी दलों की ओर से होटल में कराई गई विधायकों की सार्वजनिक परेड पर कहा कि विधानसभा में होने वाले विश्वासमत परीक्षण से इसकी कोई बराबरी नहीं की जा सकती है।


शेलार ने आगे कहा कि बीजेपी विधानसभा में जीत को लेकर आश्वत है और इन्होंने कहा कि हचान परेड गवाहों के लिए की जाती है जिसमें वे अपराधियों की पहचान करते हैं। तीनों दलों ने विधायकों के साथ ये बिल्कुल भी ठीक नहीं किया है। आशीष शेलार ने आगे कहा- हम विधानसभा के पटल पर जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वत हैं। होटल में इस तरह की परेड सदन में बहुमत साबित करने में बिल्कुल सहायक नहीं होगी। आपकी अपनी तस्वीर हो सकती है, ताकत दिखाने के लिए आपके अपने फोटोग्राफर हो सकते हैं लेकिन बीजेपी वो है जो अंतिम समय में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के नेतृत्व में जीत दर्ज कराएगी।

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