चलती बस की छत पर सेलिब्रेट कर रहे थे 30 स्टूडेंट्स, अचानक ब्रेक लगा तो लग गई वाट, देखे Video ड्राईवर ने अचानक ब्रेक लगाया तो सभी स्टूडेंट्स नीचे गिर गए, जाने फिर क्या हुआ

ऐसा कहा जाता हैं कि यदि आप भारत में गाड़ी चला सकते हैं तो आप दुनियां के किसी भी कौने में गाड़ी चला सकते हैं. इसका कारण ये हैं कि भारत का ट्रैफिक काफी खतरनाक रहता हैं. यहाँ लोग यातायात के लिए बनाए गए नियमों को बहुत हल्के में लेते हैं. जब जिसका मन करता हैं कहीं से भी बीच में घुस जाता हैं. इस वजह से दुर्घटना होने के हालात हमेशा ही बने रहते हैं. अब इसी बीच चेन्नई से भी एक विडियो सामने आया है जिसमे कुछ लोग ट्रैफिक नियम कीई धज्जियाँ उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वायरल विडियो में कुछ स्टूडेंट्स बस की छत पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं. साथ ही कुछ इस बस की खिड़की पर भी लटके हुए दिख रहे हैं. इसके बाद बीच रोड में जब ये बस अचानक रुक जाती हैं तो ये सभी स्टूडेंट नीचे गिर जाते हैं और बस के टायर के नीचे आते आते बच जाते हैं.

दरअसल ये सभी विद्यार्थी ‘बस डे’ सेलिब्रेट कर रहे थे. सूत्रों की माने तो बस की छत पर सवार ये ये 30 स्टूडेंट्स चेन्नई के पचायप्पा कॉलेज और आंबेडकर आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज के छात्र हैं. चेन्नई पुलिस ने इन्हें इस तरह बस डे ना सेलिब्रेट करने की चेतावनी भी दी थी लेकिन फिर भी ये नहीं माने और बस पर चढ़ जुलुस निकालने लगे. इस घटना के बाद पुलिस ने करीब 20 स्टूडेंट्स को अरेस्ट भी किया हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पिछले साल ही मद्रास कोर्ट ने इस तरह बस डे मानाने की सख्त मनाही की थी, लेकिन इसके बावजूद इन स्टूडेंट्स ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया. कोर्ट का कहना था कि इस तरह से सेलिब्रेट करना खुद की और दूसरों की जान को खतरे में डालना हैं.

इस घटना का विडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगो का गुस्सा फूट पड़ा. लगभग सभी लोगो ने इसकी निंदा की. एक यूजर ने लिखा कि “ऐसा करना तो पूरी तरह से बैन हैं. मुझे याद हैं कि पिछले साल मेने न्यूज़ पढ़ी थी कि चेन्नई पुलिस ने बस डे मना रहे कुछ स्टूडेंट्स को अरेस्ट किया हैं. लेकिन इस साल भी इन्हें अक्कल नहीं आई.” इसके बाद एक व्यक्ति लिखता हैं “ये पचैयप्पा कॉलेज के स्टूडेंट्स हैं. इस कॉलेज के छात्रों का व्यवहार हमेशा से ही खराब रहा हैं. पिछले 40 सालो में भी कुछ नहीं बदला. इस तरह के कॉलेज अभी भी क्यों संचालित हैं? क्या इस टाइप के स्टूडेंट्स को डीग्री मिलनी भी चाहिए?”

फिर एक यूजर कहता हैं “बस डे मना रहे इन स्टूडेंट्स को देखिए. ये एक डरावना नजारा हैं. क्या हमें इस तरह के सेलिब्रेशन की आवश्यकता हैं? ऐसा करके खतरा मोल क्यों लेना?” फिर एक व्यक्ति कहता है “मुझे ये कहने के लिए माफ़ करना लेकिन ये स्टूडेंट इस तरह की चीज डिजर्व करते हैं. आज ये गिरे हैं तो इन्हें सबक मिलेगा और शायद अगली बार ये इस तरह की हरकतें नहीं करेंगे.” फिर एक इन्हें सलाह देते हुए कहता हैं कि “सेलिब्रेट करने के और भी कई तरीके होते हैं. इस तरह अपनी और दूसरों की जान का रिस्क क्यों लेना?”

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