ट्रंप देने जा रहें है भारत को सबसे बड़ा आर्थिक झटका? जाने क्या होगा इस फैसले से भारत पर असर.. दोस्त बनकर रहने वाले अमेरिका आखिर क्यों ले रहा है भारत के खिलाफ ऐसा फैसला

पुलवामा हमले के बाद से सारे देश भारत के पक्ष में ही खड़े आएं हैं यहां तक की चीन ने भी पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत की तरफ हाथ बढ़ाया। वहीं आतंकी हमले और फिर पाकिस्तान में आतंकी अड्डों पर एयर स्ट्राइक के मामले पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा था,, लेकिन अब आर्थिक मोर्चे पर अमेरिका भारत को बड़ा झटका देने वाले हैं।इसके संकेत खुद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया है। दरअसल ट्रंप ने भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस( GSP) से बाहर करने से जुड़ा बयान देकर भारत में हलचल मचा दी है।

ट्रंप ने अमेरिका की संसद कांग्रेस को भी पत्रकार को लिखकर सूचित किया है। अगर ट्रंप की ये बात सच में है फिर अमेरिका बाजार में 5.6 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय उत्पादो के लिए ड्यूटी फ्री यानी शुल्क मुक्त एंट्री का दरवाजा बंद हो जाएगा। इसे भारत के लिए एक आर्थिक झटका माम सकते हैं। ट्रंप का कहना है कि वो भारत के लिए शुल्क मुक्त ट्रीटमेंट को खत्म करने का इरादा रखते हैं। भारत के अलावा अमेरिका तुर्की के साथ भी ये कारोबारी संबंध खत्म कर रहा है।

क्या है जीएसपी

जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस यानी जीएसपी अमेरिकी ट्रेड प्रोग्राम है जिसके तहत अमेरिका विकासशील देशों में आर्थिक तरक्की के लिए अपने यहां बिना टैक्स सामानों का आयात करता है, अमेरिका ने दुनिया के 129 देशों को ये सुविधा दी है जहां से 4800 प्रोडक्ट का आयात होता है। अमेरिक ने ट्रेड एक्ट 1974 के तहत 1 जनवरी 1976 को जीएसपी का गठन किया था।

क्या है ट्रंप का फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले के 60 दिन बाद नोटिफिकेशन भेज दिया गया है। जीएसपी समाप्त करने की ये प्रकिया है। अब ऐसा हुआ तो भारत और तुर्की दोनों की ही करीब 2 हजार प्रोडक्ट हैं जो इसके प्रभाव में आ जाएंगे। इनमें ऑटो पार्टस , इंडस्ट्रियल वॉल्व और टेक्सटाइल मैटीरियल प्रमुख है। हालांकि अगर ट्रंप चाहें तो वो अपने इस फैसले को वापस भी ले सकते हैं।

साल 2017 में भारत एकलौता ऐसा विकासशील देशो में अकेला देश था जिसे जीएसपी के तहत सबसे ज्यादा लाभ मिला था। भारत से अमेरिका ने 5.7 बिलियन डॉलर का आयात बिना की टैक्स के किया था। इससे भारत को हमेशा से ही लाभ मिलता रहा है। तुर्की पांचवे स्थान पर था जहां से 1.7 बिलियन डॉलर का टैक्स मुक्त आयात किया गया था। इसके बाद से अमेरिका ने अप्रैल में इस बात का एलान किया था की वो भारत और तुर्की को मिलने वाली राहत पर विचार करेगा। अमेरिका ऐसा विचार क्यों कर रहा है इसके पीछे वजह ये है कि अमेरिका की कुछ डेय़री और मेडिकल कंपनियों ने शिकायत की थी इससे स्वदेशी कारोबार पर गहरा असर पड़ रहा है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले से पहले कहा भारत ने हमें इस बात को लेकर कोई भरोसा नहीं जताया।वो अपने बाजार में भी हमारे प्रोडक्ट की पहुंच कहां तक और कितना आसान बनाएगा। तुर्की के बारे में ट्रंप ने कहा है कि वहां की आर्थिक स्थिति देखकर उससे विकासशील देशों की श्रेणी में नहीं रख सकते।

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