क्या आप भी करते हैं बैंकिंग एप का यूज, तो पलक झपकते ही खाली हो सकता है आपका अकाउंट

बैंकिंग सिस्टम को आसान बनाने के लिए सभी निजी और सरकारी बैंकों ने अपना अपना एप लॉन्च कर रखा है, जिसके ज़रिए ग्राहक घर बैठे बैठे ही सारे काम निपटा सकता है। जी हां, बैंको के इन एप्स से ग्राहक फंड या बैलेंस आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं, जोकि काफी आसान तरीका है। ऐसे में इन एप्स का लोग शौक से इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हेंं छोटे मोटे कामों के लिए बैंक नहीं जाना पड़ता है, लेकिन अब बैंको के एप सवालों के घेरे में आ चुके हैं। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

बैंकिंग एप ग्राहक के लिए जितने ज्यादा सुविधाजनक हैं, उससे कहीं ज्यादा उनके लिए खतरा भी हो सकते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि एक रिपोर्ट से मामला सामने आया कि कैसे बैंकिंग एप के ज़रिए आपका अकाउंट खाली हो रहा है और आपको पता भी नहीं चल रहा है। इस तरह के धोखाधड़ी के कई मामले आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि हैकर्स ने कुछ बैंकों के एप को हैक कर लिया है और बड़ी आसानी से वे अपना निपटा रहे हैं। चलिए जानते हैं कि किस किस बैंक के एप आपके लिए खतरा बन चुके हैं।

IT सिक्योरिटी फर्म Sophos ने जारी की रिपोर्ट

IT सिक्योरिटी फर्म Sophos की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल प्ले पर कई ऐसे बैंकिंग एप मौजूद है, जोकि पूरी तरह से फेक हैं और इनसे ग्राहक के अकाउंट में सेंधमारी की जा रही है। इस रिपोर्ट के लिस्ट में जिन बैंकिंग एप का नाम सामने आ रहा है, उसमें से  SBI, ICICI बैंक, Axis बैंक, सिटी बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक आदि शामिल है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इन बैंकिंग एप के फर्जी एप गूगल प्ले पर उपलब्ध है, जिसे ग्राहक असली समझकर डाउनलोड करते हैं और फिर उनका अकाउंट साफ हो जाता है।

आपके खाते में ऐसे होती है सेंधमारी

रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले में ढेर सारे एप उपलब्ध है, जिसमें असली और नकली के बारे में पता लगाना मुमकिन नहीं है। ऐसे में ग्राहक नकली एप डाउनलोड कर लेते हैं, जिसके बाद उनका अकाउंट खाली हो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, नकली एप में मैलवेयर (वायरस) होता है, जो यूजर्स के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स चोरी कर लेता है और इसके तुरंत बाद आपका अकाउंट पूरी तरह से खाली हो जाता है, इसलिए आपको इससे बचना चाहिए।

बैंको ने की अपना नाम हटाने की सिफारिश

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जब इस रिपोर्ट का खुलासा हुआ तो कई बैंको ने इस रिपोर्ट में से अपने नाम हटवाने की सिफारिश भी की । इसके अलावा बैंको ने यह दिलासा दिलाया है कि हम नकली एप के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और हैकर्स का पता लगाकर उन पर कार्रवाई करेंगे, ताकि लोगों को धोखेधड़ी से बचा सकेंगे।