चंद्रग्रहण के वक्त गलती से भी ना करें ये काम, मिलेगा अशुभ फल

2019 को पहला चंद्रग्रहण 21 जनवरी को पड़ रहा है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार चंद्रग्रहण बेहद ही खास समय माना जाता है। पूर्णिमा की रात में घटने के कारण प्रकृति में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते है। चंद्रग्रहण में सबसे ज्यादा ख्याल सूतक के समय का रखा जाता है। सूतक के समय मनुष्यों के लिए कई तरह के नियम बनाए गए हैं जिसका उन्हें पालन करना चाहिए। आपको बताते हैं चंद्रग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए और किस बात की सावधानी रखनी चाहिए।

क्या होता है चंद्रग्रहण का सूतक समय

सूतक काल को चंद्रग्रहण के लिहाज से अशुभ समय माना जाता है जो ग्रहण के साथ शुरु होता है और ग्रहण खत्म होते ही खत्म हो जाता है। सूतक काल को अच्छा नहीं माना जाता है और ऐसे वक्त में कुछ काम है जो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस समय में खाना बनाना, भगवान की मूर्ति को छूना, खाना बनानाजैसे काम की मनाही होती है। हालांकि वृद्ध, रोगी और बालकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होता है।

दान है आवश्यक

चंद्रगहण के समय तीन सूखे नारियल और सवा किलो सतनाजा दान में दें। ग्रहण खत्म होने के बाद दान करना बहुत ही जरुरी माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में चंद्रग्रहण का दोष हो तो अपने जीवन काल में हर पूर्ण सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रह के समय सूर्य अथवा चंद्रमा का दान करना चाहिए। इससे आपके ग्रह के दोष कटते हैं। इस दान में काले तिल, सफेद तिल, काली उड़ड और गेंहू का दान करना सही माना जाता है। किसी एक ग्रहण पर तुला राशि के लोग दान जरूर करें।

भोजन करें कम

चंद्रग्रहण के वक्त तीनों वक्त भोजन नहीं करना चाहिए। अगर बुजुर्ग हैं, बालक हैं या फिर रोगी हैं तो डेढ़ प्रहर तक खाना खा सकते हैं। जिस खाने में कुश या तुलसी की पत्ती डाल देते हैं वह खाना खाने लायक रखता है। ग्रहण की जबसे शुरुआत हो तो तिल या कुश से मिले हुए जल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जब ग्रहण का समय शुरु हो जे तो खाना पीना उस समय के लिए छोड़ देना चाहिए। तुलसी या शमी के पेड़ को नहीं छूना चाहिए।

धारदार वस्तु का प्रयोग ना करें

जब ग्रहण का समय शुरु हो तो धारदार वस्तुओं से खुद को दूर कर लेना चाहिए। कैंची- चाकू जैसे किसी भी समान का इस्तेमाल नहीं करना चाहए। किसी को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं देनी चाहिए। यहां तक की ग्रहण के समय किसी भी भगवान की तस्वीर को ना छूएं। सूतक के समय भूल कर भी पूजा ना करें मतलब मंदिर के दरवाजे बंद रखें। अगर बुजुर्ग रोगी या बच्चें नही हैं तो भोजन ना करें।

प्रेग्नेंट औरतें रखें ख्याल

गर्भावस्था के समय प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। अपने कमरे में बैठकर भगवान के भजन या मंत्र का जाप करें। ग्रहण हट जाने के बाद घर की अच्छे से सफाई करें औऱ पूरे घर में अगरबत्ती का धुआं जरुर दिखाएं। चंद्रग्रहण के बाद पितरों को याद करें और उनके नाम पर दान दें। ग्रहण के बाद शिव की पूजा करते हैं तो अच्छा माना जाता है।

यह भी पढ़ें